Yogi Govt New Rules for Gyms : यूपी के जिमों के लिए सीएम योगी का नया फरमान महिला ट्रेनर अनिवार्य, हर जिम की होगी गहन जांच
News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा और जिम के भीतर बढ़ती आपराधिक गतिविधियों (जैसे धर्मांतरण और छेड़खानी) पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। हाल ही में राज्य में जिम के भीतर से सामने आए धर्मांतरण (Conversion) और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मामलों को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
1. महिला ट्रेनर की अनिवार्यता (Female Gym Trainer Mandatory)
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन जिमों में महिलाएं वर्कआउट करने आती हैं, वहां महिला ट्रेनर का होना अनिवार्य होगा।
सुरक्षा: इसका उद्देश्य महिलाओं को जिम के भीतर एक सुरक्षित और सहज वातावरण प्रदान करना है।
निजी स्पेस: वर्कआउट के दौरान फिजिकल असिस्टेंस (सहायता) अब केवल महिला ट्रेनर ही दे सकेंगी, ताकि पुरुषों द्वारा अनुचित स्पर्श या छेड़खानी की गुंजाइश न रहे।
2. सभी जिमों की सघन जांच (Investigation of All Gyms)
सरकार ने पूरे प्रदेश में चल रहे जिमों की प्रोफाइलिंग और जांच के आदेश दिए हैं।
वेरिफिकेशन: जिम मालिकों, ट्रेनर्स और वहां काम करने वाले स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाएगा।
धर्मांतरण पर नजर: हालिया 'लव जिहाद' या 'धर्मांतरण' के मामलों में जिम ट्रेनर्स की संलिप्तता पाए जाने के बाद, खुफिया एजेंसियां और पुलिस उन जिमों की पहचान करेंगी जहां संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं।
3. सीसीटीवी (CCTV) और प्राइवेसी के नियम
जिम के मुख्य हॉल और प्रवेश द्वारों पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
कैमरों की रिकॉर्डिंग का बैकअप कम से कम एक महीने तक सुरक्षित रखना होगा ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस जांच कर सके।
हालांकि, चेंजिंग रूम और वॉशरूम की प्राइवेसी का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
योगी सरकार का सख्त रुख: "अपराधियों की खैर नहीं"
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के सूत्रों के अनुसार, सरकार का मानना है कि जिम जैसे स्थान फिटनेस के लिए होने चाहिए, न कि किसी विशेष एजेंडे या अपराध के लिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले जिमों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई (जैसे गैंगस्टर एक्ट) भी की जा सकती है।