महाराष्ट्र में क्लीन स्वीप की तैयारी CM फडणवीस की हाई-लेवल मीटिंग, अशोक खरात केस और ड्रग्स नेटवर्क पर होगा एक्शन
News India Live, Digital Desk: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार (18 अप्रैल) को गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में राज्य की कानून-व्यवस्था, बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क और हाल ही में चर्चा में आए अशोक खरात (Ashok Kharat Case) मामले को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। फडणवीस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और धर्मांतरण जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अशोक खरात मामला: ED की रेड और SIT की जांच तेज
बैठक में नासिक के स्वयंभू 'धर्मगुरु' अशोक खरात के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई। खरात पर यौन शोषण, जबरन वसूली और धार्मिक हेरफेर के गंभीर आरोप हैं।
ED की कार्रवाई: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खरात के ठिकानों पर छापेमारी कर अब तक करोड़ों की संपत्ति और नकद फ्रीज किया है।
SIT का निर्देश: मुख्यमंत्री ने विशेष जांच दल (SIT) को निर्देश दिए हैं कि खरात के 'आर्थिक साम्राज्य' और उसके पीछे छिपे सफेदपोश चेहरों की पूरी पड़ताल की जाए।
ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' और ऑपरेशन थंडर
मुख्यमंत्री फडणवीस ने नशीले पदार्थों के बढ़ते कारोबार पर लगाम लगाने के लिए 'ऑपरेशन थंडर' की प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि ड्रग्स सप्लाई चेन की 'फॉरवर्ड और बैकवर्ड' कड़ियों को तोड़कर मुख्य सरगनाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाए। फडणवीस ने कहा कि राज्य में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ड्रग माफियाओं के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाएगी।
धर्मांतरण विरोधी कानून पर सख्त पहरा
महाराष्ट्र विधानसभा द्वारा पारित 'महाराष्ट्र धर्म-स्वतंत्रता विधेयक 2026' के कार्यान्वयन को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि धोखे, प्रलोभन या जबरन धर्मांतरण के मामलों में पुलिस को तुरंत एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। फडणवीस ने अधिकारियों से कहा कि वे सुनिश्चित करें कि इस कानून का पूरी कड़ाई से पालन हो, ताकि मासूम लोगों का शोषण रोका जा सके।
कानून-व्यवस्था पर मुख्यमंत्री की दो टूक
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र की छवि खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस को फ्री-हैंड दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर भी कड़ी नजर रखने को कहा है। फडणवीस ने गृह विभाग को अगले 15 दिनों के भीतर इन सभी बड़े मामलों पर प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।