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March 27 2026 10:12 pm

रामनवमी पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा यूपी को मिली देश की पहली तरकश ड्रोन फॉरेंसिक लैब, जानें इसकी खासियत

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News India Live, Digital Desk: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रामनवमी के पावन पर्व पर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस करते हुए एक बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित 'उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंसेज' (UPSIFS) में देश की सबसे अत्याधुनिक 'तरकश' ड्रोन फॉरेंसिक लैब का उद्घाटन किया है। भगवान श्री राम के 'अचूक बाणों' के प्रतीक 'तरकश' के नाम पर बनी यह लैब न केवल अपराधियों के मंसूबों को पस्त करेगी, बल्कि दुश्मन देशों के ड्रोन का 'पोस्टमार्टम' करने में भी सक्षम होगी।

क्यों खास है 'तरकश' और क्या है इसका अर्थ?

'तरकश' शब्द का अर्थ उस पात्र से है जिसमें तीर रखे जाते हैं, जो भारतीय परंपरा में युद्ध की तत्परता और सटीकता का प्रतीक है। संस्थान के डायरेक्टर जीके गोस्वामी के अनुसार, इस लैब का नाम भगवान श्री राम के आदर्शों को समर्पित किया गया है। लैब के लोगो (Logo) में भी एक ड्रोन को तरकश से निकलते हुए दिखाया गया है, जो इस बात का संकेत है कि प्राचीन शस्त्रों की अवधारणा अब आधुनिक तकनीक का रूप ले चुकी है। यह लैब अपराध नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।

दुश्मन ड्रोन की निकालेगी 'कुंडली'

इस हाई-टेक लैब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह दुश्मन देशों या संदिग्ध गतिविधियों में शामिल ड्रोन का गहन विश्लेषण कर सकेगी। यदि सीमा पर या किसी संवेदनशील इलाके में कोई संदिग्ध ड्रोन पकड़ा जाता है, तो 'तरकश' लैब उसके डेटा को डिकोड कर यह पता लगा लेगी कि वह कहाँ से उड़ा था, उसका मिशन क्या था और उसका रूट क्या था। यह लैब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित है, जो न केवल जांच में मदद करेगी बल्कि नई स्वदेशी ड्रोन तकनीक विकसित करने पर भी शोध करेगी।

अपराध जांच में 'ब्रह्मास्त्र' साबित होगी यह लैब

आज के दौर में जब अपराधी तकनीकी रूप से उन्नत हो रहे हैं, तब यह लैब यूपी पुलिस के लिए किसी ब्रह्मास्त्र से कम नहीं है। यह लैब ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी, जासूसी और अन्य अवैध गतिविधियों को रोकने में मदद करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से उत्तर प्रदेश फॉरेंसिक जांच के मामले में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार तकनीक के जरिए कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।