Yoga for Joint Pain : घुटनों के दर्द को अब कहिए बाय-बाय, ये 3 योगासन आपके शरीर को बना देंगे पत्थर सा मजबूत

Post

News India Live, Digital Desk: Yoga for Joint Pain : बढ़ती उम्र के साथ या कई बार कम उम्र में ही, जोड़ों का दर्द एक आम समस्या बन जाती है, खासकर घुटनों में दर्द लोगों को बहुत परेशान करता है. यह दर्द न केवल आपके रोजमर्रा के कामों में बाधा डालता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता को भी प्रभावित करता है. अगर आप भी जोड़ों के दर्द (Joint Pain) से छुटकारा पाना चाहते हैं और दवाइयों से बचना चाहते हैं, तो योगासन (Yoga for Joint Pain) आपके लिए एक प्राकृतिक और बेहद प्रभावी तरीका हो सकता है. कुछ खास योगासन ऐसे हैं, जो जोड़ों को मजबूत बनाने, उनमें लचीलापन लाने और दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं.

यहां हम ऐसे ही 3 असरदार योगासनों के बारे में बात करेंगे, जिन्हें नियमित रूप से करके आप अपने जोड़ों के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित कर सकते हैं और फिर से एक्टिव लाइफस्टाइल अपना सकते हैं.

1. पवनमुक्तासन (पवन से मुक्ति आसन): (घुटनों और कमर के लिए अमृत समान)

पवनमुक्तासन पेट की समस्याओं को दूर करने के लिए जाना जाता है, लेकिन यह घुटनों और कमर के दर्द में भी अद्भुत राहत देता है. यह आसन जांघों और कूल्हों पर दबाव डालकर मांसपेशियों को फैलाता है और लचीलापन बढ़ाता है. 'पवनमुक्तासन के फायदे' अनमोल हैं.

  1. धीरे-धीरे अपने दाहिने घुटने को मोड़ें और उसे छाती के करीब लाएं.
  2. अपने दोनों हाथों से घुटने को कसकर पकड़ें और जितना हो सके छाती की ओर खींचें.
  3. सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर घुटने से अपनी नाक को छूने की कोशिश करें (अगर संभव हो).
  4. इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें और गहरी सांस लेते रहें.
  5. अब धीरे-धीरे घुटने को छोड़ें और प्रारंभिक स्थिति में लौट आएं.
  6. इसी प्रक्रिया को दूसरे पैर से भी दोहराएं. फिर दोनों पैरों को एक साथ मिलाकर भी कर सकते हैं.
  • लाभ: यह घुटनों और कूल्हों की मांसपेशियों को मजबूत करता है, गैस और अपच की समस्या से राहत दिलाता है और 'कमर दर्द में आराम' देता है. 'घुटनों के दर्द का योगासन' में यह महत्वपूर्ण है.

2. उत्कटासन (चेयर पोज): (जोड़ों को ताकत देने के लिए)

उत्कटासन (Utkatasana) आपकी जांघों, कूल्हों और पिंडलियों को जबरदस्त मजबूती देता है. यह ऐसा आसन है जो मांसपेशियों में ताकत बढ़ाता है और जोड़ों पर अनावश्यक दबाव को कम करने में मदद करता है. यह 'जोड़ों को मजबूत करने के लिए योग' का बेहतरीन तरीका है.

  1. दोनों हाथों को सामने की ओर सीधा करें, हथेलियां नीचे की ओर या ऊपर की ओर (आपकी सुविधा के अनुसार).
  2. अब धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें, जैसे कि आप एक अदृश्य कुर्सी पर बैठने जा रहे हों.
  3. कोशिश करें कि आपकी जांघें जमीन के समानांतर आ जाएं (जितना हो सके).
  4. अपने शरीर का सारा वजन अपनी एड़ी पर बनाए रखें और अपनी पीठ को सीधा रखें.
  5. इस स्थिति में 30 सेकंड से 1 मिनट तक रुकने का प्रयास करें, गहरी सांस लेते रहें.
  6. धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में वापस आएं.
  • लाभ: यह घुटनों, कूल्हों और पीठ की निचली मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. यह शरीर के पोस्चर में सुधार करता है और 'घुटनों को मजबूती' देता है. 'कमर के लिए योगासन' में भी इसका लाभ मिलता है.

3. भुजंगासन (कोबरा पोज): (रीढ़ की हड्डी और कमर के दर्द के लिए)

भुजंगासन (Bhujangasana) रीढ़ की हड्डी को लचीला और मजबूत बनाता है, जिससे कमर दर्द और पीठ की अकड़न दूर होती है. यह ऊपरी शरीर को भी मजबूती देता है. 'भुजंगासन के स्वास्थ्य लाभ' अनेक हैं.

  1. अपनी एड़ी और पंजे आपस में मिले हुए हों.
  2. गहरी सांस लेते हुए, धीरे-धीरे अपने सिर और सीने को ऊपर उठाएं.
  3. कोशिश करें कि आपकी नाभि जमीन से न उठे. अपनी कोहनियों को हल्का मुड़ा हुआ रखें या सीधा करें, अपनी सुविधा के अनुसार.
  4. अपनी गर्दन को पीछे की ओर हल्का सा झुकाएं और ऊपर देखें.
  5. इस स्थिति में 20-30 सेकंड तक रहें, गहरी सांस लेते रहें.
  6. धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं.
  • लाभ: यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है, 'कमर दर्द से राहत' देता है, फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है और ऊपरी शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करता है. यह 'पीठ दर्द के लिए योग' में बहुत कारगर है.

इन योगासनों को धीरे-धीरे और सावधानी से करना महत्वपूर्ण है. अगर आपको किसी भी आसन को करते समय दर्द महसूस हो, तो तुरंत रुक जाएं. योगा शुरू करने से पहले किसी अनुभवी योग गुरु से सलाह लेना सबसे अच्छा रहेगा, खासकर अगर आपको पहले से कोई गंभीर बीमारी या 'घुटनों का दर्द का इलाज' चल रहा है. नियमित अभ्यास से आपको जोड़ों के दर्द में अद्भुत राहत मल सकती है और आप एक स्वस्थ व सक्रिय जीवन जी पाएंगे