Worst Movies of all Time : ये हैं रॉटेन टोमेटोज़ पर इतिहास की 10 सबसे ख़राब फ़िल्में, जिन्हें मिली 0% रेटिंग

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News India Live, Digital Desk: Worst Movies of all Time : सिनेमा की दुनिया में हर शुक्रवार को नई उम्मीदें परवान चढ़ती हैं। मेकर्स करोड़ों रुपये लगाकर एक फ़िल्म बनाते हैं इस आस में कि दर्शक उसे पसंद करेंगे और वह ब्लॉकबस्टर साबित होगी। लेकिन कई बार नतीजा इसके बिल्कुल उल्टा होता है। आज हम ऐसी ही कुछ फिल्मों की बात करने जा रहे हैं, जिन्हें दर्शकों और क्रिटिक्स ने इस कदर नकारा कि वे इतिहास की सबसे ख़राब फ़िल्में बन गईं।

यह लिस्ट हमने नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे भरोसेमंद फ़िल्म रेटिंग वेबसाइट में से एक 'रॉटेन टोमेटोज़' (Rotten Tomatoes) ने तैयार की है। इस वेबसाइट पर फिल्मों को क्रिटिक्स के रिव्यू के आधार पर 'परसेंटेज' में रेटिंग दी जाती है। ज़ीरो परसेंट (0%) रेटिंग का मतलब है कि उस फ़िल्म को एक भी पॉज़िटिव रिव्यू नहीं मिला, यानी हर एक क्रिटिक ने उसे सिरे से ख़ारिज कर दिया। तो चलिए जानते हैं उन 10 "बदकिस्मत" फिल्मों के बारे में जिन्हें यह शर्मनाक टैग मिला है।

1. जॉस: द रिवेंज (Jaws: The Revenge - 1987)
स्टीवन स्पीलबर्ग की क्लासिक फ़िल्म 'जॉस' ने जहाँ लोगों के दिलों में शार्क का ख़ौफ़ भर दिया था, वहीं इस सीरीज़ की चौथी फ़िल्म 'जॉस: द रिवेंज' ने दर्शकों के सब्र का इम्तिहान ले लिया। इसकी कहानी इतनी बेतुकी थी कि लोगों ने सिर पकड़ लिया।

2. द रिडिकुलस 6 (The Ridiculous 6 - 2015)
एडम सैंडलर की कॉमेडी फिल्मों के दीवाने बहुत हैं, लेकिन यह फ़िल्म उनके करियर पर एक दाग जैसी है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई इस वेस्टर्न-कॉमेडी फ़िल्म के जोक्स इतने पुराने और भद्दे थे कि किसी को हंसी नहीं आई।

3. डार्क टाइड (Dark Tide - 2012)
खूबसूरत एक्ट्रेस हाले बेरी का स्टारडम भी इस फ़िल्म को डूबने से नहीं बचा पाया। शार्क थ्रिलर फ़िल्म होने के बावजूद इसमें न तो थ्रिल था और न ही कोई मज़बूत कहानी।

4. अ थाउजेंड वर्ड्स (A Thousand Words - 2012)
कॉमेडी के बादशाह एडी मर्फी की यह फ़िल्म एक ऐसे आदमी की कहानी है जिसके पास बोलने के लिए सिर्फ 1000 शब्द बचे हैं। कॉन्सेप्ट दिलचस्प था, लेकिन फ़िल्म उतनी ही बोरिंग निकली।

5. पिनोकियो (Pinocchio - 2002)
लकड़ी के पुतले की यह क्लासिक कहानी कई बार परदे पर आई है, लेकिन 2002 में आई यह इटैलियन फ़िल्म सबसे ख़राब मानी जाती है। आलोचकों ने इसे "डरावना" और "बिना आत्मा की फ़िल्म" बताया था।

6. स्ट्रैटन (Stratton - 2017)
एक एक्शन-थ्रिलर फ़िल्म से आप अच्छी कहानी और दमदार एक्शन की उम्मीद करते हैं, लेकिन यह फ़िल्म दोनों ही मामलों में फेल हो गई।

7. कैबिन फीवर (Cabin Fever - 2016)
यह 2002 में आई इसी नाम की हॉरर फ़िल्म का रीमेक थी। लेकिन यह इतनी बुरी बनी कि इसने ओरिजिनल फ़िल्म की इज़्ज़त भी डुबो दी।

8. गोंर्स इन द नाईट (Gone in the Night - 2022)
एक सस्पेंस थ्रिलर, जिसमें कोई सस्पेंस ही न हो! यह फ़िल्म दर्शकों को आख़िर तक उलझाए रखने में नाकाम रही और एक बोरिंग अनुभव साबित हुई।

9. द लास्ट डेज़ ऑफ़ अमेरिकन क्राइम (The Last Days of American Crime - 2020)
यह फ़िल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। बेहद लंबी और बिना किसी लॉजिक के एक्शन से भरी यह फ़िल्म दर्शकों के लिए किसी सज़ा से कम नहीं थी।

10. बैलिस्टिक: इक्स वर्सेज सीवर (Ballistic: Ecks vs. Sever - 2002)
एंटोनियो बैंडेरस और लूसी लियू जैसे बड़े स्टार्स के बावजूद यह फ़िल्म इतिहास की सबसे ख़राब एक्शन फिल्मों में गिनी जाती है। इसकी कहानी से लेकर एक्शन सीक्वेंस तक, कुछ भी दर्शकों को पसंद नहीं आया।