Flight Emergency Landing: बीच हवा में कांपे 186 मुसाफिर! इंजन नंबर-2 फेल होते ही एयरपोर्ट पर मची खलबली, फुल इमरजेंसी के बीच पायलट ने कराई सुरक्षित लैंडिंग
हजारों फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे एक वाणिज्यिक यात्री विमान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब विमान के दाहिने इंजन (इंजन नंबर 2) ने अचानक काम करना बंद कर दिया। विमान में चालक दल (क्रू मेंबर्स) सहित कुल 186 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद जब विमान क्रूजिंग एल्टीट्यूड की ओर बढ़ रहा था, तभी कॉकपिट में लगे इंस्ट्रूमेंट पैनल्स पर इंजन नंबर 2 की तकनीकी विफलता (Engine Snag / Low Oil Pressure) की चेतावनी चमकी।
पायलटों ने तत्काल आपातकालीन चेकलिस्ट का पालन करते हुए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इंजन के असामान्य वाइब्रेशन और पैरामीटर्स में गिरावट को देखते हुए जोखिम न लेते हुए इंजन को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत बंद (In-flight Engine Shut Down) करने का फैसला किया गया। इसके तुरंत बाद विमान को वापस निकटतम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की ओर मोड़ा गया।
हवाई अड्डे पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित: रनवे पर दौड़ीं फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस
कॉकपिट क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को तुरंत 'PAN-PAN' और फिर स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इमरजेंसी कॉल दी। सूचना मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन ने तुरंत 'फुल इमरजेंसी' (Full Emergency) प्रोटोकॉल लागू कर दिया।
मानक सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत:
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रनवे के दोनों छोरों पर एयरपोर्ट फायर फाइटिंग एंड रेस्क्यू (ARFF) की दमकल गाड़ियों, फोम टेंडर्स और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को अलर्ट मोड में तैनात किया गया।
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किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए एक दर्जन से अधिक एंबुलेंस और मेडिकल टीमों को रनवे के समानांतर खड़ा कर दिया गया।
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स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ (CISF) सुरक्षा विंग और नजदीकी अस्पतालों के ट्रौमा सेंटरों को अलर्ट पर रखा गया।
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हवाई क्षेत्र में मौजूद अन्य सभी उड़ानों को होल्डिंग पैटर्न में डाल दिया गया या दूसरे नजदीकी हवाई अड्डों पर डायवर्ट कर प्राथमिकता के आधार पर इस विमान के लिए मुख्य रनवे को पूरी तरह खाली करा लिया गया।
पायलट की सूझबूझ और सिंगल-इंजन लैंडिंग का कमाल
विमान में सवार 186 यात्रियों के लिए वे 20 से 25 मिनट सांसें अटका देने वाले थे। केबिन क्रू ने यात्रियों को शांत रहने, सीट बेल्ट बांधने और इमरजेंसी लैंडिंग पोजीशन (Brace Position) के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। हालांकि, आधुनिक कमर्शियल ट्विन-इंजन विमान पूरी तरह से केवल एक इंजन के सहारे उड़ने और सुरक्षित उतरने (Single-Engine Operation) में सक्षम होते हैं।
कॉकपिट में मौजूद मुख्य पायलट और फर्स्ट ऑफिसर ने उत्कृष्ट पेशेवर कौशल और मानसिक संतुलन का परिचय देते हुए विमान के वजन, ईंधन और ग्लाइड ढलान को संभाला। विमान ने बिना किसी झटके के हवाई अड्डे के मुख्य रनवे को छुआ और सुरक्षित लैंडिंग की। विमान के पहियों के रनवे पर टिकते ही केबिन में डर के साए में बैठे मुसाफिरों ने राहत की सांस ली और पायलटों की सूझबूझ की सराहना की।
रनवे पर ही शुरू हुई प्राथमिक जांच: सभी यात्री सुरक्षित
सुरक्षित लैंडिंग के बाद विमान को रनवे से टैक्सीवे के जरिए आइसोलेशन बे तक लाया गया, जहां पहले से मुस्तैद इंजीनियरों और ग्राउंड स्टाफ ने विमान का निरीक्षण किया। हवाई अड्डा प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी 186 यात्री और चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी चोट नहीं आई है।
यात्रियों को सामान्य रूप से टर्मिनल भवन में उतारा गया, जहां उनके लिए जलपान और वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की गई। एयरलाइन के तकनीकी दल ने इंजन नंबर 2 में आई खराबी के कारणों की विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में ईंधन लाइन में लीकेज या ऑयल प्रेशर में अचानक आई गिरावट को खराबी का संभावित कारण माना जा रहा है।
विमानन नियामक ने दिए जांच के आदेश
विमान में बीच हवा में इंजन बंद होने की इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने औपचारिक तकनीकी जांच के आदेश दे दिए हैं।
जांच दल विमान के डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR - ब्लैक बॉक्स) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के डेटा का विश्लेषण करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि इंजन में खराबी किस स्तर पर शुरू हुई और क्या विमान के रखरखाव (Maintenance Log) में कोई पूर्व चूक तो नहीं थी। विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट आने तक संबंधित विमान को ग्राउंड (AOG - Aircraft on Ground) कर दिया गया है।
| विवरण | घटना का संक्षिप्त ब्योरा |
| यात्रियों की संख्या | 186 (यात्री व क्रू मेंबर्स सहित) |
| खराबी का प्रकार | इंजन नंबर 2 में तकनीकी खराबी / इन-फ्लाइट शटडाउन |
| एयरपोर्ट स्थिति | फुल इमरजेंसी (Full Emergency Declared) |
| लैंडिंग की स्थिति | सुरक्षित सिंगल-इंजन लैंडिंग (Safe Landing) |
| यात्री सुरक्षा | सभी सुरक्षित, कोई हताहत नहीं |
| जांच संस्था | डीजीसीए (DGCA) व तकनीकी इंजीनियरिंग विंग |