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April 14 2026 05:47 am

Work Pressure or Torture? बीएलओ ड्यूटी के तनाव में जान दे रहे शिक्षक, आखिर जिम्मेदार कौन?

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उत्तर प्रदेश में इन दिनों शिक्षकों के बीच डर और गुस्से का माहौल है। वजह है- 'बीएलओ (BLO) ड्यूटी'। पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग जगहों से ऐसी खबरें आई हैं कि बीएलओ का काम कर रहे कुछ शिक्षकों ने काम के भारी दबाव (Work Pressure) के चलते आत्महत्या जैसा खौफनाक कदम उठा लिया है।

ये घटनाएं बेहद दुखद और डरावनी हैं। इन घटनाओं के बाद शिक्षक संगठनों का सब्र अब जवाब दे गया है। उनका साफ कहना है कि बीएलओ ड्यूटी अब शिक्षकों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। इसी के चलते अब शिक्षक संघों ने मुख्यमंत्री से सीधे हस्तक्षेप करने और शिक्षकों को इस ड्यूटी से तुरंत मुक्त करने की मांग की है।

अधिकारियों के प्रेशर से घुट रहा दम
'उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ' ने सीएम योगी आदित्यनाथ को चिट्ठी लिखकर अपना दर्द बयां किया है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और महामंत्री उमाशंकर सिंह ने कहा है कि हालत बहुत खराब है। उनका कहना है कि "हमारा काम बच्चों को पढ़ाना है, लेकिन हमसे बीएलओ का काम कराया जा रहा है।"
शिक्षा का अधिकार (RTE) कानून भी यही कहता है कि शिक्षकों को पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरे कामों में नहीं फंसाना चाहिए, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

परीक्षा सिर पर, मास्टर साहब गायब!
चिंता की एक बड़ी वजह बच्चों की पढ़ाई भी है। परिषदीय स्कूलों में 10 दिसंबर से अर्द्धवार्षिक (Half-yearly) परीक्षाएं शुरू होनी हैं। यह समय बच्चों को रिविजन कराने और तैयारी करवाने का है। लेकिन, जब शिक्षक वोटर लिस्ट अपडेट करने और घर-घर जाने में ही लगे रहेंगे, तो बच्चों को पढ़ाएगा कौन? संघ का कहना है कि इससे स्कूलों का माहौल पूरी तरह बिगड़ रहा है।

"दोषियों पर हो कार्रवाई, पीड़ितों को मिले 50 लाख"
उधर, 'बीटीसी शिक्षक संघ' के तेवर और भी सख्त हैं। प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने आरोप लगाया है कि अधिकारी बीएलओ पर काम का अनुचित दबाव बना रहे हैं, जिसके कारण लोग टूट रहे हैं। उन्होंने सरकार के सामने कुछ कड़ी मांगे रखी हैं:

  1. जिन शिक्षकों/बीएलओ की मौत काम के तनाव के चलते हुई है, उनके परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए।
  2. उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले।
  3. जिन अधिकारियों के टॉर्चर से शिक्षकों ने यह कदम उठाया, उन पर जांच बैठाकर सख्त कार्रवाई की जाए।
  4. वोटर लिस्ट (एसआईआर) के काम की समय सीमा बढ़ाई जाए और शिक्षकों की मदद के लिए एक्स्ट्रा कर्मचारी लगाए जाएं।

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