Wikipedia का मास्टरस्ट्रोक Google और Facebook जैसी बड़ी कंपनियों से अब वसूलेगा पैसे, जानें पूरी कहानी
News India Live, Digital Desk : हम सभी ने स्कूल प्रोजेक्ट्स से लेकर ऑफिस की रिसर्च तक, हर छोटी-बड़ी जानकारी के लिए हमेशा Wikipedia पर भरोसा किया है। आपने अक्सर देखा होगा कि विकिपीडिया अपनी साइट चलाने के लिए हमसे और आपसे 50 या 100 रुपये का डोनेशन मांगता था। लेकिन अब कहानी थोड़ी बदलने वाली है। खबर यह है कि ज्ञान के इस सबसे बड़े खजाने ने अब टेक्नोलॉजी की दुनिया के दिग्गजों से कमाई करने का फैसला कर लिया है।
जी हाँ, Wikipedia parent company Wikimedia Foundation ने दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों जैसे Amazon, Meta (Facebook) और Microsoft के साथ एक खास समझौता किया है।
आखिर यह डील क्यों हुई है?
इसे बहुत ही आसान भाषा में समझते हैं। आजकल आप देख रहे होंगे कि इंटरनेट पर ChatGPT और दूसरे AI (Artificial Intelligence) टूल्स की बाढ़ आ गई है। जब हम इन AI बॉट्स से कोई सवाल पूछते हैं, तो वे जवाब कहाँ से लाते हैं? उसका एक बहुत बड़ा हिस्सा विकिपीडिया से ही आता है।
अभी तक ये बड़ी कंपनियां—Google, Amazon या Meta—विकिपीडिया के ढेर सारे डेटा को बिल्कुल मुफ्त में उठा लेती थीं और अपने AI मॉडल्स (AI Models Training) को ट्रेन करती थीं। विकिपीडिया मेहनत करे, सर्वर का खर्चा उठाए और ये कंपनियां मलाई खाएं। इसी बात को बदलने के लिए विकिपीडिया ने अब Wikimedia Enterprise के जरिए इन कंपनियों से डेटा इस्तेमाल करने के बदले पैसे लेने का फैसला किया है।
Tech Giants को पैसे क्यों देने पड़ रहे हैं?
अब सवाल यह आता है कि जब डेटा सबके लिए फ्री है, तो ये कंपनियां पैसे क्यों देंगी? दरअसल, कंपनियों को बहुत तेज स्पीड और स्ट्रक्चर्ड डेटा चाहिए होता है ताकि उनका AI बिना गलती किए काम कर सके। विकिपीडिया ने Amazon और Microsoft को ऑफर दिया है कि हम आपको सबसे तेज और रिफाइंड डेटा (Cleaner Data Pipeline) देंगे, जिससे आपके AI टूल्स स्मार्ट बनेंगे, लेकिन इसके बदले आपको चेक काटना पड़ेगा।
इसे Wikipedia content licensing for AI कहा जा रहा है, जो विकिपीडिया के लिए कमाई का एक परमानेंट जरिया बन जाएगा। इससे उन्हें बार-बार आम जनता से डोनेशन नहीं मांगना पड़ेगा।
क्या आम यूजर्स (हम और आप) पर इसका असर पड़ेगा?
यह सबसे जरूरी सवाल है। क्या अब विकिपीडिया पढ़ने के लिए हमें पैसे देने होंगे? तो जवाब है—बिल्कुल नहीं।
विकिपीडिया ने साफ़ कर दिया है कि आम इंटरनेट यूजर, स्टूडेंट्स और रिसर्चर्स के लिए यह प्लेटफॉर्म हमेशा की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेगा। यह डील सिर्फ उन खरबपति कंपनियों के लिए है जो इस डेटा का इस्तेमाल करके अपना बिजनेस चला रही हैं और commercial use of Wikipedia data कर रही हैं।