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April 20 2026 08:21 am

धनतेरस पर क्यों पूजे जाते हैं भगवान धन्वंतरि? जानें उनकी ये अद्भुत कहानी और मिलेगा निरोगी जीवन का आशीर्वाद

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News India Live, Digital Desk: धनतेरस का त्योहार सिर्फ नए बर्तन या सोना-चांदी खरीदने भर का नहीं होता, बल्कि यह सुख-समृद्धि और सबसे बढ़कर, उत्तम स्वास्थ्य की कामना का पर्व है. अक्सर लोग इस दिन खरीदारी पर जोर देते हैं, लेकिन इस पावन अवसर पर एक और महत्वपूर्ण परंपरा निभाई जाती है - भगवान धन्वंतरि की पूजा. सवाल उठता है कि आखिर दिवाली के इतने करीब मनाए जाने वाले इस त्योहार पर हम धन के देवता कुबेर के बजाय आरोग्य के देवता धन्वंतरि को क्यों पूजते हैं? इसका जवाब जुड़ा है एक प्राचीन और बेहद खास पौराणिक कथा से, जो हमें जीवन में सेहत के असली महत्व को समझाती है.

कौन हैं भगवान धन्वंतरि और क्यों होती है उनकी पूजा?

भगवान धन्वंतरि को देवताओं का वैद्य और आयुर्वेद का जनक माना जाता है. यानी, ये रोगों को दूर करने वाले, स्वास्थ्य देने वाले और लंबी उम्र का आशीर्वाद देने वाले देवता हैं. उनका प्राकट्य एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना से जुड़ा है, जिसे हम 'समुद्र मंथन' के नाम से जानते हैं.

समुद्र मंथन से अमृत कलश और धन्वंतरि देव का प्राकट्य:

पौराणिक कथा के अनुसार, एक समय ऐसा आया था जब देवताओं और राक्षसों के बीच कई युद्ध हुए, जिससे देवता अपनी शक्ति खोने लगे. उन्हें शाप भी मिल चुका था, जिसके कारण उनकी चमक कम पड़ने लगी. तब भगवान विष्णु ने देवताओं को समुद्र मंथन का सुझाव दिया. इस महायज्ञ में मंदराचल पर्वत को मथनी बनाया गया और वासुकी नाग को रस्सी के तौर पर इस्तेमाल किया गया. कई रत्नों और मूल्यवान वस्तुओं के बाद, अंत में क्षीर सागर से भगवान धन्वंतरि एक बेहद दिव्य स्वरूप में प्रकट हुए.

जब धन्वंतरि देव प्रकट हुए, तो उनके हाथों में एक चमकीला 'अमृत कलश' था, जिससे अमृत टपक रहा था. इस अमृत के पान से ही देवताओं ने अपनी खोई हुई शक्तियां और अमरत्व प्राप्त किया. चूंकि धन्वंतरि भगवान 'अमृत कलश' लेकर प्रकट हुए थे, इसलिए इस दिन नई धातुएं या बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई. ये नए बर्तन घर में धन्वंतरि के अमृत जैसे आशीर्वाद, यानी अच्छे स्वास्थ्य और धन-संपत्ति के आगमन का प्रतीक माने जाते हैं. धन्वंतरि भगवान ने ही देवताओं को निरोगी जीवन का वरदान दिया और इसलिए उन्हें आरोग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है.

तो धनतेरस पर पूजा का असली सार क्या है?

असल में, धनतेरस का संदेश बहुत गहरा है. यह हमें सिखाता है कि असली 'धन' सिर्फ पैसा या भौतिक वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि निरोगी काया सबसे बड़ा धन है. अगर शरीर स्वस्थ है, तो हम जीवन के हर सुख का आनंद ले सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ सकते हैं. धन्वंतरि भगवान की पूजा करके हम उनसे अच्छी सेहत, लंबी उम्र और सभी रोगों से मुक्ति का आशीर्वाद मांगते हैं. यह प्रार्थना है कि हमारे घर-परिवार पर आरोग्य और सुख का अमृत हमेशा बरसता रहे.

इस धनतेरस पर, जब आप नई चीजें खरीदने जाएं, तो एक बार भगवान धन्वंतरि को भी याद करें. उनसे प्रार्थना करें कि आपके घर में सुख-समृद्धि के साथ-साथ स्वस्थ और खुशहाल जीवन भी आए. धन्वंतरि भगवान की पूजा करके आप अपनी दिवाली की शुरुआत स्वास्थ्य के अनमोल उपहार से कर सकते हैं.

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