लक्ष्मी पूजन से पहले, क्यों ज़रूरी है उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी को जानना?
News India Live, Digital Desk: दिवाली का नाम आते ही हमारे मन में रोशनी, मिठाई और मां लक्ष्मी के आगमन की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। हम सभी चाहते हैं कि धन और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी हमारे घर आएं और हमेशा के लिए वहीं बस जाएं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मां लक्ष्मी की एक बड़ी बहन भी हैं, और लक्ष्मी को घर बुलाने से पहले, उनकी बड़ी बहन को विदा करना बेहद ज़रूरी होता है?
जी हां, शास्त्रों में उनका नाम अलक्ष्मी बताया गया है, जो मां लक्ष्मी के बिल्कुल विपरीत हैं
कौन हैं अलक्ष्मी और कहां से आईं?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, तो उसमें से 14 रत्न निकले थे। इसी मंथन से पहले देवी अलक्ष्मी प्रकट हुईं और उनके बाद मां लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ। इसी वजह से अलक्ष्मी को लक्ष्मी की बड़ी बहन माना जाता है
जहां मां लक्ष्मी धन, सौभाग्य, सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक हैं, वहीं उनकी बड़ी बहन अलक्ष्मी को दरिद्रता, दुर्भाग्य, कलह और कुरूपता की देवी माना जाता है।
आखिर कहां रहती हैं अलक्ष्मी?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलक्ष्मी का वास कहां होता है? मान्यताओं के अनुसार, अलक्ष्मी ऐसी जगहों पर रहना पसंद करती हैं जहां:
- गंदगी और कूड़ा-करकट हो: जिस घर में साफ़-सफ़ाई का ध्यान नहीं रखा जाता, वहां अलक्ष्मी निवास करती हैं।
- हमेशा कलह-क्लेश का माहौल हो: जहां लोग आपस में लड़ते-झगड़ते हैं, ऊंची आवाज में बात करते हैं और एक-दूसरे का अपमान करते हैं, अलक्ष्मी वहीं डेरा डाल लेती हैं।
- अधर्म और आलस का बोलबाला हो: जो लोग अधर्मी होते हैं, आलसी होते हैं या शाम के समय सोते हैं, वह घर अलक्ष्मी को बहुत प्रिय होता है।
- लोग गंदे कपड़े पहनते हों: जो लोग स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते और मैले-कुचैले वस्त्र पहनते हैं, वे भी अलक्ष्मी को आकर्षित करते हैं।
दिवाली की सफ़ाई का असल मतलब
अब आप समझ गए होंगे कि दिवाली से पहले घरों की इतनी gründliche सफ़ाई क्यों की जाती है। यह सिर्फ़ एक परंपरा नहीं है, बल्कि यह अलक्ष्मी को घर से बाहर निकालने का एक प्रतीकात्मक तरीका है। जब हम घर के कोने-कोने से जाले हटाते हैं, टूटा-फूटा सामान और कबाड़ बाहर फेंकते हैं, तो हम असल में दरिद्रता और दुर्भाग्य को अपने घर से विदा कर रहे होते हैं।[7]
एक साफ़-सुथरा, शांत और प्रेम भरा माहौल ही मां लक्ष्मी को पसंद आता है। कहा जाता है कि लक्ष्मी और अलक्ष्मी, दोनों बहनें एक साथ एक जगह पर कभी नहीं रह सकतीं। इसलिए, अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में मां लक्ष्मी का स्थायी निवास हो, तो पहले यह पक्का करना होगा कि वहां अलक्ष्मी के लिए कोई जगह न बचे।
इस दिवाली जब आप अपने घर को साफ़ करें, तो इसे सिर्फ़ एक काम समझकर न करें। यह याद रखें कि आप अपने घर से हर तरह की नकारात्मकता और दरिद्रता को बाहर निकालकर सुख, समृद्धि और सौभाग्य यानी मां लक्ष्मी के आगमन का रास्ता तैयार कर रहे हैं।