Navratri Fasting : व्रत में क्यों खाते हैं सेंधा नमक? जानें इसके पीछे का धार्मिक और वैज्ञानिक तर्क
News India Live, Digital Desk: नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त 'सात्विक' जीवनशैली अपनाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, साधारण नमक समुद्र के पानी से बनता है और इसे शुद्ध करने के लिए कई रासायनिक प्रक्रियाओं (Processing) से गुजरना पड़ता है, इसलिए इसे व्रत में 'अशुद्ध' माना जाता है। वहीं, सेंधा नमक को लेकर धारणा और विज्ञान दोनों अलग हैं।
1. धार्मिक और आध्यात्मिक कारण
शुद्धता का प्रतीक: सेंधा नमक को 'स्वर्ण नमक' या 'पहाड़ी नमक' भी कहा जाता है। यह प्राकृतिक रूप से पहाड़ों की गुफाओं में मिलता है। इसे बनाने में किसी केमिकल या रिफाइनिंग की जरूरत नहीं होती, इसलिए इसे सबसे शुद्ध और सात्विक माना जाता है।
तामसिक गुणों का त्याग: साधारण नमक को आयुर्वेद में 'तामसिक' श्रेणी में रखा गया है, जो शरीर में उत्तेजना बढ़ा सकता है। व्रत का उद्देश्य मन को शांत और आध्यात्मिक रखना है, जिसमें सेंधा नमक सहायक होता है।
2. आयुर्वेदिक और वैज्ञानिक महत्व
पाचन के लिए हल्का: व्रत के दौरान हम अनाज नहीं खाते, जिससे पाचन अग्नि (Agni) धीमी हो सकती है। साधारण नमक शरीर में वॉटर रिटेंशन (Water Retention) बढ़ाता है, जबकि सेंधा नमक हल्का होता है और पाचन (Digestion) में मदद करता है।
इलेक्ट्रोलाइट संतुलन: उपवास के दौरान शरीर में कमजोरी या चक्कर आने की समस्या हो सकती है। सेंधा नमक में पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे 84 से अधिक खनिज तत्व होते हैं, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को बनाए रखते हैं और ऊर्जा देते हैं।
ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण: इसमें सोडियम की मात्रा साधारण नमक से कम होती है, जिससे यह ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ने नहीं देता और दिल की सेहत के लिए बेहतर माना जाता है।
शीतलता प्रदान करना: चैत्र नवरात्रि के दौरान मौसम बदल रहा होता है (सर्दियों से गर्मियों की ओर)। सेंधा नमक की प्रकृति ठंडी होती है, जो शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित रखने में मदद करती है।
सेंधा नमक और साधारण नमक में अंतर
| विशेषता | साधारण नमक (Table Salt) | सेंधा नमक (Sendha Namak) |
|---|---|---|
| स्रोत | समुद्र का खारा पानी | हिमालय की चट्टानें/खदानें |
| प्रक्रिया | मशीनों द्वारा रिफाइंड और प्रोसेस्ड | प्राकृतिक और अनरिफाइंड |
| तत्व | मुख्य रूप से सोडियम और आयोडीन | पोटैशियम, मैग्नीशियम, आयरन आदि |
| प्रकृति | गर्म और उत्तेजक | ठंडी और त्रिदोष नाशक |