यूपी नीट पीजी काउंसलिंग क्यों रुकी? क्या 1200 खाली सीटें बनेंगी छात्रों के लिए उम्मीद की किरण?

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News India Live, Digital Desk: यूपी के उन मेडिकल छात्रों के लिए एक खबर है जिन्हें अपनी मेहनत के बाद एक अच्छे पीजी कॉलेज की तलाश है। जो डॉक्टर अपनी पीजी (Post Graduation) की पढ़ाई शुरू करने के लिए यूपी नीट पीजी काउंसलिंग का इंतजार कर रहे थे, उन्हें पता चला होगा कि फिलहाल इस प्रक्रिया को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। पहली नजर में यह खबर परेशान करने वाली लग सकती है, लेकिन इसके पीछे की वजह कई उम्मीदवारों के लिए किसी बड़ी उम्मीद से कम नहीं है।

असल माजरा क्या है?
उत्तर प्रदेश के सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में इस वक्त लगभग 1,200 पीजी सीटें खाली रह गई हैं। यह संख्या हैरान करने वाली है क्योंकि पीजी में एक-एक सीट के लिए कितनी होड़ होती है, ये हम सभी जानते हैं। अब समस्या यह है कि अगर मौजूदा कटऑफ नियमों को ही लागू रखा गया, तो ये 1200 सीटें शायद भर ही न पाएं। कॉलेजों की सीटें खाली रहना न सिर्फ संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी का संकेत भी है।

कटऑफ क्यों गिर सकती है?
यही वो पेंच है जिसकी वजह से काउंसलिंग रुकी हुई है। विभाग और सरकार के बीच चर्चा चल रही है कि क्या 'कटऑफ पर्सेंटाइल' को थोड़ा कम किया जाए। अगर कटऑफ नीचे गिरती है, तो उन छात्रों को भी एडमिशन की रेस में आने का मौका मिल जाएगा, जो थोड़े कम नंबरों की वजह से अब तक इस दौड़ से बाहर महसूस कर रहे थे। आसान भाषा में कहें तो, योग्यता का दायरा थोड़ा बढ़ाया जा सकता है ताकि कोई भी सीट बर्बाद न हो और योग्य छात्रों को मौका मिले।

इंतजार का फल मीठा होगा?
जाहिर है, जिन छात्रों ने पहले से अच्छी रैंक हासिल कर रखी है, उन्हें थोड़ी चिड़चिड़ाहट हो सकती है कि समय खराब हो रहा है। लेकिन बड़ी तस्वीर देखें तो 1200 अतिरिक्त सीटों का भरा जाना पूरे स्वास्थ्य ढांचे के लिए अच्छा है। फिलहाल अधिकारी नया शेड्यूल और बदली हुई गाइडलाइन्स तैयार करने में जुटे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही डीजीएमई (DGME) यूपी की तरफ से नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

छात्रों के लिए छोटी सी सलाह
काउंसलिंग टलने से जो वक्त मिला है, उसे व्यर्थ न जाने दें। अपनी प्रेफरेंस लिस्ट को एक बार फिर चेक कर लें और दस्तावेजों को पूरी तरह दुरुस्त रखें। कटऑफ गिरने की स्थिति में मुकाबला फिर से रोचक हो सकता है। यह देरी शायद आपके लिए किसी ऐसे कॉलेज या ब्रांच का दरवाजा खोल दे, जिसे आपने पहले उम्मीद से बाहर मान लिया था।

संयम बनाए रखें, क्योंकि कभी-कभी रुकी हुई प्रक्रिया ज्यादा बेहतर नतीजे लेकर आती है।