सदन में भाई वीरेंद्र पर क्यों भड़क गए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार? बिहार विधानसभा में जोरदार तकरार
News India Live, Digital Desk : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक बार फिर सियासी पारा हाई हो गया। सदन की कार्यवाही के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का 'रौद्र रूप' देखने को मिला। मुख्यमंत्री विपक्षी दल RJD के कद्दावर नेता भाई वीरेंद्र के व्यवहार और टोका-टोकी से इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने सदन में ही उन्हें खरी-खरी सुना दी।
क्या था पूरा मामला?
सदन में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रख रहे थे, तभी आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने बीच में हस्तक्षेप किया। भाई वीरेंद्र की टिप्पणी और उनके बोलने के अंदाज पर नीतीश कुमार अचानक उखड़ गए। उन्होंने सीधे भाई वीरेंद्र की ओर इशारा करते हुए कहा, "ये कोई तरीका है? आप जिस तरह से बोल रहे हैं, क्या यही मर्यादा है?"
नीतीश कुमार की नाराजगी की 3 बड़ी वजहें:
संसदीय मर्यादा का उल्लंघन: मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन में अपनी बात रखने का एक तरीका होता है, जिसे विपक्ष बार-बार भूल रहा है।
काम में बाधा: नीतीश कुमार का मानना था कि जब सरकार जवाब दे रही है, तो विपक्ष को धैर्य के साथ सुनना चाहिए न कि शोर-शराबा करना चाहिए।
पुरानी तल्खी: बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार और आरजेडी के नेताओं के बीच की पुरानी खींचतान अक्सर सदन के पटल पर इस तरह के टकराव के रूप में सामने आती है।
भाई वीरेंद्र और विपक्ष का पलटवार
मुख्यमंत्री के गुस्से के बाद सदन में काफी देर तक शोर-शराबा होता रहा। भाई वीरेंद्र और विपक्षी खेमे का कहना है कि वे जनता की आवाज उठा रहे थे और सरकार उन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। इस घटना के बाद बिहार की राजनीति में 'मर्यादा' और 'व्यवहार' को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
बिहार की राजनीति में क्या हैं इसके मायने?
यह पहली बार नहीं है जब नीतीश कुमार सदन में इस तरह से आगबबूला हुए हों। जानकारों का मानना है कि विपक्ष की लगातार घेराबंदी से मुख्यमंत्री असहज महसूस कर रहे हैं, जिसका नतीजा सदन में तीखी झड़प के रूप में दिख रहा है।