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April 21 2026 02:02 am

जापान में 7.4 तीव्रता का महाभूकंप, सुनामी का अलर्ट ग्लोबल सप्लाई चेन पर संकट, क्या फिर महंगे होंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद?

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News India Live, Digital Desk: प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील देश जापान एक बार फिर कुदरत के कहर से दहल उठा है। सोमवार सुबह उत्तरी जापान के तट पर आए 7.4 तीव्रता के जोरदार भूकंप के झटकों ने न केवल इमारतों को हिला दिया, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी खतरे की घंटी बजा दी है। जापान के मौसम विज्ञान विभाग ने आओमोरी (Aomori) और मियागी (Miyagi) प्रांतों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की है, जहाँ 1 से 3 मीटर तक की लहरें उठने की आशंका है।

1. भूकंप का केंद्र और तीव्रता

तीव्रता: रिक्टर स्केल पर 7.4 (शक्तिशाली श्रेणी)।

समय: सोमवार, 20 अप्रैल 2026, सुबह करीब 8:16 AM (स्थानीय समय)।

प्रभाव: टोक्यो समेत उत्तरी जापान के बड़े हिस्से में तेज झटके महसूस किए गए। बुलेट ट्रेनों (Shinkansen) को तुरंत रोक दिया गया और परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा जांच शुरू कर दी गई है।

2. मार्केट और सप्लाई चेन पर 'आफ्टरशॉक'

जापान का यह हिस्सा दुनिया की कई दिग्गज टेक और ऑटो कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग हब के करीब है। आर्थिक विशेषज्ञों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में व्यवधान की चेतावनी दी है:

सेमीकंडक्टर और सिलिकॉन चिप्स: उत्तरी जापान के कई प्लांट वैश्विक सिलिकॉन वेफर सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा (लगभग 20-25%) नियंत्रित करते हैं। यदि ये प्लांट लंबे समय तक बंद रहे, तो स्मार्टफोन और लैपटॉप की कीमतों में उछाल आ सकता है।

ऑटोमोबाइल सेक्टर: टोयोटा और निसान जैसे दिग्गजों के सप्लायर इसी क्षेत्र में स्थित हैं। भूकंप के कारण बिजली कटौती और लॉजिस्टिक्स ठप होने से 'जस्ट-इन-टाइम' डिलीवरी मॉडल प्रभावित हुआ है।

शेयर बाजार का रुख: निक्केई (Nikkei) और अन्य एशियाई बाजारों में अनिश्चितता देखी गई है, क्योंकि निवेशकों को डर है कि पुनर्निर्माण की भारी लागत जापानी बैंकों की लिक्विडिटी पर असर डाल सकती है।

3. 'सुनामी' का खतरा और राहत कार्य

तटीय इलाकों को खाली कराया गया: प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।

बिजली और पानी का संकट: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हजारों घरों में बिजली गुल हो गई है और कुछ स्थानों पर आग लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

4. ग्लोबल मार्केट पर असर (The Domino Effect)

जापानी बैंकों के पास विदेशों में अरबों डॉलर की प्रतिभूतियां (Securities) हैं। यदि जापान में आपदा के कारण नकदी का संकट बढ़ता है और जापानी बैंक अपनी विदेशी संपत्तियों को बेचना शुरू करते हैं, तो इससे अमेरिका और यूरोप के शेयर बाजारों में भी गिरावट आ सकती है।