राज्यसभा चुनाव पर जीतन राम मांझी का बड़ा बयान नेतृत्व के फैसले का इंतजार करें, बिहार की सियासत में हलचल तेज

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News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है। इस बीच, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। मांझी के एक छोटे से बयान ने एनडीए (NDA) के भीतर चल रही सीट शेयरिंग की चर्चाओं को नई हवा दे दी है।

मांझी ने क्या कहा? 'सस्पेंस' अभी बरकरार

जब मीडिया ने जीतन राम मांझी से राज्यसभा सीटों की दावेदारी और उम्मीदवारों के नाम पर सवाल पूछा, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। मांझी ने कहा, "नेतृत्व के फैसले का इंतजार कीजिए।" उनके इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं:

NDA में एकजुटता का संदेश: मांझी ने यह साफ कर दिया कि जो भी अंतिम निर्णय होगा, वह गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व (बीजेपी और जेडीयू) द्वारा लिया जाएगा।

अपनी दावेदारी पर चुप्पी: मांझी ने फिलहाल अपनी पार्टी की ओर से किसी खास नाम या सीट की मांग को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं।

अनुशासन का परिचय: वरिष्ठ नेता होने के नाते उन्होंने यह संकेत दिया कि गठबंधन में किसी भी प्रकार की खींचतान नहीं है।

बिहार में राज्यसभा की सीटों का गणित

बिहार में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों को लेकर एनडीए और इंडिया (INDIA) गठबंधन, दोनों ही अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हैं। बीजेपी और नीतीश कुमार की जेडीयू के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पर्दे के पीछे बातचीत जारी है। मांझी का यह बयान उस समय आया है जब कयास लगाए जा रहे थे कि क्या 'HAM' भी अपने किसी नेता के लिए सीट की मांग करेगी।

सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मांझी का "नेतृत्व पर भरोसा" जताना यह दर्शाता है कि एनडीए के भीतर सीटों का फॉर्मूला लगभग तय हो चुका है। अब बस औपचारिक घोषणा का इंतजार है। हालांकि, बिहार की राजनीति में आखिरी वक्त पर होने वाले उलटफेर से भी इनकार नहीं किया जा सकता।