अमेरिका का डीप स्टेट भारत में आकर फेल क्यों हो गया? वो वजह जो हर हिंदुस्तानी को जाननी चाहिए
News India Live, Digital Desk: कहते हैं कि लोकतंत्र में जनता सबसे ऊपर होती है, लेकिन पिछले कुछ सालों में एक ऐसी थ्योरी चर्चा में आई है जो कहती है कि सरकारें तो बस एक 'मुखौटा' हैं। असली पावर तो उन लोगों के पास होती है जो कभी चुनाव नहीं लड़ते। इसी को 'डीप स्टेट' कहा जाता है।
क्या बला है यह 'डीप स्टेट'?
सीधे शब्दों में कहें तो 'डीप स्टेट' उन रसूखदार सरकारी अफ़सरों, खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों, सेना के बड़े दिग्गजों और यहां तक कि अरबपति बिजनेसमैन और एनजीओ (NGOs) का एक ऐसा गुट होता है, जो पर्दे के पीछे से देश की नीतियां तय करता है। इनका मकसद यह होता है कि चाहे राष्ट्रपति कोई भी बने, असली कंट्रोल इनके हाथों में रहे। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दौर में यह शब्द काफी सुर्खियों में आया था।
क्या भारत में भी 'डीप स्टेट' है?
अक्सर ये कहा जाता है कि विदेशी ताकतें और कुछ बड़े विदेशी उद्योगपति भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश करते हैं। वो चाहते हैं कि भारत उनकी मर्जी के हिसाब से अपनी विदेश नीति या व्यापारिक फैसले ले। पिछले कुछ सालों में भारत के खिलाफ चलने वाले 'ग्लोबल नैरेटिव' को इसी 'डीप स्टेट' की कोशिश के रूप में देखा गया।
लेकिन ये भारत में कामयाब क्यों नहीं हो पाता?
अब सवाल उठता है कि जब कई बड़े देशों में 'डीप स्टेट' सफल हो जाता है, तो भारत के सामने उसकी दाल क्यों नहीं गलती? इसके कुछ बड़े कारण हैं:
- मजबूत राजनीतिक नेतृत्व: भारत में पिछले एक दशक से एक बहुत ही स्थिर और स्पष्ट जनादेश वाली सरकार है। जब सरकार के पास जनता का भरपूर समर्थन होता है, तो बाहरी दबावों को झेलना और उन्हें कुचलना आसान हो जाता है।
- निजी सुरक्षा एजेंसियां और लॉयल्टी: भारत की खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा बल सीधे तौर पर प्रधानमंत्री और देश की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध होते हैं। यहाँ ब्यूरोक्रेसी में अमेरिका जैसी 'पॉलिटिकल अपॉइंटमेंट्स' का सिस्टम बहुत अलग है।
- कड़ी कानूनी निगरानी: भारत सरकार ने हाल के वर्षों में विदेशी फंडिंग और एनजीओ पर नज़र रखने के लिए नियमों (जैसे FCRA) को बहुत सख्त किया है। इससे 'डीप स्टेट' को खाद-पानी मिलना बंद हो गया है।
- भारतीय सभ्यता की जड़ें: भारत का आम नागरिक आज पहले से कहीं ज्यादा जागरूक है। जब भी बाहर से भारत को कमज़ोर करने की कोई साजिश सोशल मीडिया या अंतरराष्ट्रीय मीडिया के ज़रिये होती है, तो भारतीय उसे पहचान लेते हैं।
कुल मिलाकर, 'डीप स्टेट' एक ऐसी चुनौती है जो हर बढ़ते हुए देश के सामने आती है। भारत की खूबी यह है कि यहाँ लोकतंत्र की जड़ें इतनी गहरी हैं कि बाहर की हवाएं इसे हिला तो सकती हैं, लेकिन उखाड़ नहीं सकतीं।