जेवर एयरपोर्ट का असली नायक कौन? राजनाथ सिंह के खाते में गया पहला क्रेडिट, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की नींव की अनसुनी कहानी
News India Live, Digital Desk: एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होने जा रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया और दिलचस्प मोड़ आ गया है। जहाँ एक ओर इस प्रोजेक्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के रूप में देखा जाता है, वहीं अब इस भव्य हवाई अड्डे की परिकल्पना का 'पहला श्रेय' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम दर्ज हो गया है। हालिया चर्चाओं और ऐतिहासिक दस्तावेजों ने यह साफ कर दिया है कि जेवर की जमीन पर विमानों के उड़ने का सपना आज से करीब दो दशक पहले ही देख लिया गया था।
राजनाथ सिंह और साल 2001 का वो ऐतिहासिक फैसला
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कहानी आज की नहीं, बल्कि 25 साल पुरानी है। जब राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने ही पहली बार जेवर में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने का प्रस्ताव पेश किया था। साल 2001 में उनकी सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए प्रारंभिक खाका तैयार किया था। हालांकि, बाद के वर्षों में सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक खींचतान के कारण यह फाइल ठंडे बस्ते में चली गई थी। जानकारों का कहना है कि अगर उस समय इस पर काम शुरू हो जाता, तो शायद जेवर एयरपोर्ट आज दुनिया के नक्शे पर बहुत पहले ही चमक रहा होता।
मायावती और अखिलेश सरकार में क्यों अटका प्रोजेक्ट?
राजनाथ सिंह के बाद उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने वाली सरकारों में जेवर एयरपोर्ट को लेकर काफी खींचतान रही। मायावती सरकार के दौरान ताज इंटरनेशनल एविएशन हब (TIAH) के नाम से इसे आगे बढ़ाने की कोशिश हुई, लेकिन केंद्र की तत्कालीन यूपीए सरकार के साथ तालमेल की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण मामला फंस गया। इसके बाद अखिलेश यादव सरकार के समय भी आगरा और मथुरा के पास एयरपोर्ट बनाने के विकल्पों पर चर्चा हुई, जिससे जेवर का प्रोजेक्ट और पिछड़ गया। आखिरकार, 2017 में बीजेपी की वापसी के साथ ही राजनाथ सिंह के उस पुराने सपने में दोबारा जान फूंकी गई।
अब उड़ान भरने को तैयार है एशिया का सबसे बड़ा रनवे
आज जेवर एयरपोर्ट जिस मुकाम पर है, उसे हकीकत बनाने के लिए 'डबल इंजन' सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है। रक्षा मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह भी इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वर्तमान में एयरपोर्ट का ट्रायल रन और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द यहाँ से कमर्शियल उड़ानें शुरू हो जाएंगी, जिससे न केवल दिल्ली-NCR बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पूरी आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी। राजनाथ सिंह की दूरदर्शिता और मोदी-योगी की इच्छाशक्ति का ही परिणाम है कि आज जेवर दुनिया के सबसे आधुनिक हवाई अड्डों की कतार में खड़ा है।