रील बनाने का भूत चढ़ा तो भूल गईं ड्यूटी सरकारी अस्पताल की नर्सों पर गिरी गाज, अब कटेगी सैलरी
News India Live, Digital Desk : आजकल सोशल मीडिया का चस्का कुछ ऐसा लगा है कि लोग अपनी जिम्मेदारी और जगह, दोनों ही भूलते जा रहे हैं। रील बनाने का क्रेज अब सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दफ्तरों और अस्पतालों में ड्यूटी दे रहे कर्मचारियों के सर चढ़कर भी बोल रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रील प्रेमियों के लिए एक कड़ा सबक पेश किया है।
क्या है पूरा मामला?
हुआ यूं कि बस्ती जिले के एक सरकारी अस्पताल (डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल) में तैनात स्टाफ नर्सों ने ड्यूटी के दौरान ही फिल्म 'पुष्पा' या किसी मशहूर बॉलीवुड गाने पर झूमते हुए रील बना डाली। व्हाइट कोट पहने ये नर्सें अस्पताल के गलियारों या वार्ड के पास पूरी मस्ती में डांस करती नजर आईं। मजे के लिए बनाई गई ये रील जैसे ही इंटरनेट पर अपलोड हुई, देखते ही देखते वायरल हो गई।
वायरल वीडियो और लोगों का गुस्सा
वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने नाराजगी जतानी शुरू कर दी। लोगों का तर्क वाजिब था—जिस वक्त इन नर्सों को मरीजों की देखभाल करनी चाहिए थी, उस वक्त ये कैमरे के सामने ठुमके लगा रही थीं। सरकारी अस्पताल में पहले से ही संसाधनों की कमी और मरीजों की भीड़ होती है, ऐसे में स्टाफ की इस हरकत ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए।
साहब ने चला दिया 'सरकारी डंडा'
जैसे ही ये वीडियो जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के पास पहुँचा, उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच के आदेश दिए। अब ताजा अपडेट ये है कि अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में इन नर्सों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि ड्यूटी के घंटों में मनोरंजन की जगह काम को प्राथमिकता देनी होगी। सजा के तौर पर नर्सों की सैलरी काटने के निर्देश (संभवतः एक दिन की तनख्वाह या नियमानुसार) दे दिए गए हैं और उन्हें चेतावनी भी जारी की गई है।
ये पहली बार नहीं है!
उत्तर प्रदेश हो या दिल्ली, आए दिन पुलिस वालों, शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों के रील्स वायरल होते रहते हैं। हालांकि, विभाग की तरफ से बार-बार निर्देश दिए जाते हैं कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल का उपयोग केवल जरूरी कामों के लिए ही करें। लेकिन रील की दुनिया की ये चमक कर्मचारियों को अनुशासन की रेखा लांघने पर मजबूर कर रही है।
हकीकत ये है कि रील बनाना किसी का निजी शौक हो सकता है, लेकिन जब आप एक सरकारी सेवक की वर्दी में होते हैं, तो आपकी गरिमा और मरीजों के प्रति आपकी जिम्मेदारी सबसे ऊपर होनी चाहिए। बस्ती का ये मामला उन सभी लोगों के लिए एक अलार्म है जो दफ्तर को डांसिंग फ्लोर समझ बैठते हैं।
अब इन नर्सों के लिए ये रील सिर्फ 'लाइक' और 'कमेंट' नहीं, बल्कि उनकी फाइल पर एक 'ब्लैक मार्क' की तरह जुड़ गई है।