पिता कुश्ती में घिरे, तो बेटा शिक्षा में कूद पड़ा, बृजभूषण सिंह के MLA बेटे ने UGC के नियमों के खिलाफ खोला मोर्चा

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News India Live, Digital Desk : पूर्व भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) प्रमुख और विवादों में घिरे रहे बृजभूषण शरण सिंह तो अपनी राजनीति और कुश्ती से जुड़े मुद्दों के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन अब उनके बेटे और बीजेपी विधायक प्रतीक भूषण सिंह (Prateek Bhushan Singh) ने एक बिल्कुल नए, लेकिन बड़े मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के प्रस्तावित नियमों के खिलाफ ज़ोरदार आवाज़ उठाई है।

प्रतीक भूषण सिंह ने कहा है कि UGC उच्च शिक्षा के संबंध में जो नए नियम लाने की तैयारी कर रहा है, वे नियमों को जटिल और विरोधाभासी बना देंगे, जिससे छात्रों को भारी नुकसान होगा।

क्या है विधायक की शिकायत?

प्रतीक भूषण गोंडा की सदर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। वह खुद शिक्षा क्षेत्र से भी जुड़े हुए हैं, क्योंकि गोंडा में उनका एक शिक्षण संस्थान (Degree College/Education Society) भी है। उनका आरोप UGC के उस प्रावधान पर है जिसमें कहा गया है कि चार वर्षीय ग्रेजुएट छात्र सीधे पीएचडी में दाखिला ले सकेंगे।

  • दोगलापन: उन्होंने इन नियमों को 'डबल स्टैंडर्ड' (Double Standards) बताया और कहा कि ये नियम देश में चल रहे मौजूदा शैक्षिक ढांचे के विपरीत हैं।
  • छात्रों का भविष्य: उनका मानना है कि इन बदलावों से लाखों छात्रों के सामने एडमिशन को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाएगी और उन्हें शैक्षणिक योजनाएं बनाने में मुश्किल आएगी।

सत्ता पक्ष में होकर भी विरोध क्यों?

यह देखना दिलचस्प है कि प्रतीक भूषण सिंह, जो खुद सत्ताधारी दल बीजेपी के विधायक हैं, UGC (जो केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन काम करता है) की नीतियों पर इतनी कड़ी टिप्पणी कर रहे हैं। इससे यह ज़ाहिर होता है कि यह मामला उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में उच्च शिक्षा के भविष्य को लेकर कितना गंभीर हो चुका है।

उनकी यह टिप्पणी न सिर्फ उनके राजनीतिक विरोधियों को बल्कि कुमार विश्वास जैसे लोगों को भी बल देती है, जिन्होंने पहले ही इन नियमों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई थी।

विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने मांग की है कि इन नियमों को लागू करने से पहले यूजीसी को शिक्षण संस्थानों और छात्रों के साथ बैठकों का एक दौर चलाना चाहिए और मौजूदा समस्याओं का कोई उचित और पारदर्शी हल निकालना चाहिए।