पानी कब, कितना और कैसे पिएं? 90% लोग करते हैं ये जानलेवा गलतियां, जानें 'अमृत' पीने का सही तरीका
"जल ही जीवन है" - यह एक ऐसी सच्चाई है जिसे हम सब जानते हैं। हमारे शरीर का लगभग 70% हिस्सा पानी से ही बना है, और शरीर के हर एक अंग को सही ढंग से काम करने के लिए पानी की ज़रूरत होती है। डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स हमें हमेशा सलाह देते कि दिन भर में खूब सारा पानी पियो। लेकिन क्या सिर्फ ज़्यादा पानी पी लेना ही काफी है? जवाब है - नहीं!
आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक, सब यह मानते है कि आप पानी कैसे पीते हैं, यह उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि आप कितना पानी पीते हैं। गलत तरीके से, गलत समय पर और गलत मात्रा में पिया गया पानी आपके शरीर के लिए 'अमृत' नहीं, बल्कि 'जहर' बन सकता है और आपको गैस, एसिडिटी, जोड़ों में दर्द और किडनी की समस्याओं जैसी दर्जनों बीमारियों का शिकार बना सकता है।
तो क्या आप भी पानी पीने में ये आम लेकिन खतरनाक गलतियां कर रहे हैं? आइए जानते है वैज्ञानिक तरीका, जो आपको हमेशा स्वस्थ रखेगा।
आम गलतियां जो बन जाती हैं बीमारियों का घर
चलिए, सबसे पहले उन 5 सबसे बड़ी गलतियों पर नजर डालते है जो हम में से 90% लोग हर दिन करते हैं।
गलती #1: खड़े होकर और जल्दी-जल्दी गटककर पानी पीना
यह सबसे आम और सबसे खतरनाक गलती ਹੈ। अक्सर जब हमें प्यास लगती है, तो हम बोतल या गिलास मुंह से लगाकर गट-गट करके खड़े-खड़े ही सारा पानी पी जाते हैं।
- नुकसान: जब आप खड़े होकर तेजी से पानी पीते हैं, तो पानी बिना फिल्टर हुए तेजी से पेट के निचले हिस्से में चला जाता है। इससे पानी के पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते। सबसे बड़ा नुकसान यह है कि यह आपके गुर्दों (Kidneys) और जोड़ों (Joints) पर सीधा दबाव डालता है, जिससे लंबी अवधि में आर्थराइटिस और किडनी से जुड़ी समस्याएं हो सकती है। यह शरीर में तरल पदार्थों के संतुलन को भी बिगाड़ता है।
गलती #2: भोजन के तुरंत पहले, दौरान या तुरंत बाद में पानी पीना
कई लोगों की आदत होती है कि वे खाना खाते समय हर एक बाइट के साथ एक घूंट पानी पीते है या खाना खत्म होते ही एक-दो गिलास पानी पी लेते हैं।
- नुकसान: आयुर्वेद के अनुसार, जब हम खाना खाते है तो हमारे पेट में 'जठराग्नि' (पाचन अग्नि) प्रज्वलित होती है, जो भोजन को पचाने का काम करती है। खाने के साथ या तुरंत बाद पानी पीने से यह 'अग्नि' शांत हो जाती है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता। यह अधपचा भोजन पेट में सड़ने लगता है और गैस, एसिडिटी, सूजन (bloating) और कब्ज जैसी समस्याओं का कारण बनता है।
गलती #3: बहुत ज़्यादा ठंडा या बर्फ वाला पानी पीना
गर्मी से आकर या वर्कआउट के बाद फ्रिज से सीधे बर्फीला पानी निकालकर पीना बहुत सुकून भरा लगता है, लेकिन यह आपके शरीर के लिए एक शॉक की तरह है।
- नुकसान: बहुत ठंडा पानी आपके शरीर के तापमान को अचानक गिरा देता ਹੈ, जिसे सामान्य करने के लिए शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है। यह आपकी रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को सिकोड़ देता है, पाचन प्रक्रिया को धीमा कर देता है, और यहां तक कि गले में खराश और बलगम बनने का कारण भी बन सकता ਹੈ।
गलती #4: प्यास लगने पर ही पानी पीना
कई लोग तब तक पानी नहीं पीते, जब तक उन्हें जोर की प्यास न लगे या उनका गला सूखने न लगे।
- नुकसान: जोर की प्यास लगना इस बात का संकेत है कि आपका शरीर पहले से ही डिहाइड्रेशन (Dehydration) का शिकार हो चुका ਹੈ। आपको अपने शरीर को इस स्थिति में आने ही नहीं देना चाहिए। डिहाइड्रेशन से सिर दर्द, थकान, और ध्यान केंद्रित करने में कमी जैसी समस्याएं होती हैं।
गलती #5: एक ही बार में बहुत सारा पानी पी लेना
सुबह उठकर या दिन में कभी भी एक साथ 1 लीटर पानी पी लेना भी एक गलत आदत है।
- नुकसान: आपका शरीर एक बार में सीमित मात्रा में ही पानी को सोख सकता है। एक साथ ज़्यादा पानी पीने से किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और वह पानी शरीर द्वारा इस्तेमाल किए बिना ही यूरिन के रास्ते बाहर निकल जाता है ।
तो क्या है पानी पीने का सही 'आयुर्वेदिक' और 'वैज्ञानिक' तरीका?
इन गलतियों से बचने के लिए, इन सुनहरे नियमों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें:
1. बैठकर और घूंट-घूंट करके पिएं:
पानी पीने का सबसे अच्छा तरीका है आराम से किसी जगह पर बैठकर, गिलास से छोटे-छोटे घूंट लेना। जैसे आप गर्म चाय या दूध पीते हैं, ठीक वैसे ही। ऐसा करने से पानी आपके मुंह में लार के साथ मिलता है जो पेट में जाकर एसिड को संतुलित करती है और पाचन को बेहतर बनाती है।
2. खाने और पानी के बीच रखें अंतर:
- खाना खाने से 30-40 मिनट पहले पानी पिएं।
- खाना खाने के 40 मिनट से एक घंटे बाद ही पानी पिएं।
- अगर खाने के दौरान बहुत ज़रूरी हो, तो सिर्फ एक या दो घूंट सादा पानी पिएं।
3. कमरे के तापमान का या गुनगुना पानी पिएं:
हमेशा कमरे के तापमान पर रखा हुआ या हल्का गुनगुना पानी पीने की आदत डालें। यह पाचन के लिए सबसे अच्छा होता है और शरीर इसे आसानी से ग्रहण कर लेता है।
4. दिन भर नियमित अंतराल पर पिएं:
प्यास लगने का इंतजार न करें। अपने पास हमेशा एक पानी की बोतल रखें और हर घंटे कुछ-कुछ घूंट पीते रहें। इससे आपका शरीर हमेशा हाइड्रेटेड रहेगा।
5. सुबह उठकर सबसे पहले पानी पिएं (उषापान):
रात भर की नींद के बाद हमारा शरीर डिहाइड्रेटेड होता है। सुबह उठकर खाली पेट एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीने से शरीर के सारे टॉक्सिन्स बाहर निकल जाते है आंतें साफ होती हैं और मेटाबॉलिज्म को एक शानदार शुरुआत मिलती है।
पानी एक साधारण सी चीज लग सकती है, लेकिन इसे सही तरीके से पीना आपके स्वास्थ्य में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता ਹੈ। इन आदतों को आज से ही अपनाएं और एक स्वस्थ जीवन की ओर अपना पहला कदम बढ़ाएं।