मंदी का इंतज़ार कर रहे थे? चांदी ने पकड़ी ऐसी रफ़्तार कि ₹3.20 लाख के भी पार पहुँच गए भाव
News India Live, Digital Desk: अगर आप आने वाली किसी शादी या त्यौहार के लिए चांदी के गहने या बर्तन खरीदने की सोच रहे थे, तो बाज़ार से आने वाली खबर आपका बजट बिगाड़ सकती है। पिछले दो दिनों में चांदी ने बाज़ार में वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े एक्सपर्ट्स ने भी नहीं की थी। एमसीएक्स (MCX) पर चांदी की कीमतों ने ऐसी लंबी छलांग लगाई है कि अब यह ₹3.20 लाख प्रति किलो के आंकड़े को भी पार कर गई है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि महज़ 48 घंटों के भीतर इसकी कीमत में करीब 32,000 रुपये का भारी उछाल आया है।
क्यों मची है यह हलचल?
सराफा बाज़ार (Bullion Market) में अचानक आई इस तेज़ी ने आम खरीदार को सोच में डाल दिया है। लोग समझ नहीं पा रहे कि जो चांदी कल तक मध्यम वर्ग की पहुँच में थी, वह अचानक इतनी महंगी कैसे हो गई? एक्सपर्ट्स की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बढ़ती मांग और सप्लाई की भारी कमी ने इस सफेद धातु को 'काला सोना' बना दिया है। अब तो लोग कहने लगे हैं कि वह दिन दूर नहीं जब चांदी खरीदने के लिए भी वैसे ही प्लानिंग करनी पड़ेगी जैसी हम सोना खरीदने के लिए करते हैं।
शहरों का हाल: आपकी जेब पर कितना असर?
सिर्फ़ मुंबई या दिल्ली ही नहीं, बल्कि जयपुर, लखनऊ और इंदौर जैसे शहरों में भी भाव तेज़ी से ऊपर भागे हैं। जयपुर के जौहरी बाज़ार में सन्नाटा है क्योंकि खरीदार कीमतों के स्थिर होने का इंतज़ार कर रहे हैं। वहीं, दिल्ली के चांदनी चौक में भी लोग पुरानी चांदी देकर नई चीज़ें बनवाने को मजबूर हैं क्योंकि नए भाव सबके बस की बात नहीं लग रहे।
क्या अब भी निवेश करना सही है?
एक आम निवेशक के मन में अब यह सवाल है कि क्या अभी और दाम बढ़ेंगे या थोड़ा इंतज़ार करना चाहिए? विशेषज्ञों का कहना है कि जब मार्केट इस कदर वोलेटाइल (अस्थिर) हो, तो थोड़ा-थोड़ा करके खरीदना ही बेहतर होता है। लेकिन जिस तरह से चांदी ने 2 दिन में 32 हजार का सफर तय किया है, उसने कमोडिटी मार्केट की सारी पुरानी भविष्यवाणियों को फेल कर दिया है।
कुल मिलाकर, चांदी अब चमक ही नहीं रही, बल्कि बाज़ार में आग लगा रही है। अगर आपको खरीदारी करनी ही है, तो एक बार अपने शहर के स्थानीय सर्राफा बाज़ार का भाव ज़रूर चेक कर लें, क्योंकि हर शहर में मेकिंग चार्जेस और स्थानीय मांग के हिसाब से कीमतें थोड़ी अलग हो सकती हैं।