हवाई चप्पल वाला अब सचमुच उड़ेगा हवाई जहाज में, उड़ान योजना में सरकार का ये बदलाव बदल देगा आपकी यात्रा

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News India Live, Digital Desk: अक्सर छोटे शहरों से बड़े शहरों तक जाने के लिए हमें बस या लंबी दूरी की ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है, जिसमें समय और मेहनत दोनों ज्यादा लगती है। जब कभी हम फ्लाइट का विकल्प देखते हैं, तो ऊँचे दाम हमें पीछे हटने पर मजबूर कर देते हैं। सरकार ने महसूस किया कि मध्यम वर्ग को अगर वाकई बादलों की सैर करानी है, तो वर्तमान योजना में सुधार की सख्त जरूरत है।

इसी सिलसिले में सरकार उड़ान योजना में बड़े बदलाव करने की तैयारी कर रही है। नई रणनीति के तहत, उन एयरलाइंस को ज्यादा सपोर्ट और रियायतें दी जाएंगी जो छोटे और रीजनल रूट्स पर फ्लाइट्स चलाती हैं। इसका मुख्य लक्ष्य उन 400 से ज्यादा एयर रूट्स को सक्रिय करना है जो अभी तक बंद पड़े हैं या जहाँ ट्रैफिक कम है।

आम आदमी को क्या फायदा होगा?
साधारण भाषा में समझें तो, जब सरकार एयरलाइंस के लिए हवाई अड्डों का शुल्क और टैक्स कम करेगी, तो एयरलाइंस अपनी तरफ से सस्ता हवाई टिकट (Affordable Air Tickets) उपलब्ध करा सकेंगी। सरकार का फोकस अब केवल नए हवाई अड्डे बनाना ही नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उन हवाई अड्डों तक आम नागरिक पहुँच सके।

कल्पना कीजिये कि अब आपको इमरजेंसी में घर पहुँचना हो या छुट्टियाँ मनाने कहीं जाना हो, तो आपको महीनों पहले बुकिंग करने की या भारी भरकम रकम चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विशेषकर टायर-2 और टायर-3 शहरों (जैसे छोटे ज़िले और कस्बे) के लिए कनेक्टिविटी को और ज्यादा मज़बूत किया जा रहा है।

छोटे शहरों का बढ़ेगा सम्मान
सरकार अब निजी ऑपरेटरों के साथ हाथ मिला रही है ताकि वे कम क्षमता वाले जहाजों के जरिए स्थानीय हवाई अड्डों को जोड़ सकें। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि कारोबारियों के लिए भी एक शहर से दूसरे शहर जाना आसान हो जाएगा।

तो दोस्तों, अगर आप भी अब तक बादलों के ऊपर उड़ने का सपना देख रहे थे और बजट ने हाथ बाँध रखे थे, तो थोड़े दिन रुक जाइए। सरकार की इस नई पहल से फ्लाइट में उड़ना अब केवल रईसों का शौक नहीं, बल्कि एक आम भारतीय की ज़रूरत और सुविधा बनने जा रहा है।