सूटकेस पैक करने से पहले पढ़ लें ये खबर, अब बिना वीजा इन दो देशों में नहीं मिलेगी एंट्री, बदल गए पुराने नियम
News India Live, Digital Desk: अक्सर जब हम हॉलिडे डेस्टिनेशन चुनते हैं, तो सबसे पहले उन देशों को देखते हैं जहाँ 'नो वीजा' या 'वीजा ऑन अराइवल' की सुविधा हो। इससे न केवल समय बचता है बल्कि वीजा की भारी-भरकम फीस और लंबी लाइनों से भी छुटकारा मिल जाता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय नियमों और आपसी समझौतों में बदलाव की वजह से अब दो देशों ने भारतीयों के लिए अपनी वीजा नीतियों में कड़ाई कर दी है।
इन देशों का नाम सुनकर शायद आपको थोड़ी हैरानी हो क्योंकि ये दोनों ही भारतीयों के पसंदीदा टूरिस्ट स्पॉट रहे हैं। चर्चा है कि सुरक्षा कारणों और बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब प्रशासन ने तय किया है कि हर भारतीय यात्री को पहले से वीजा की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आखिर ये बदलाव क्यों हुए?
अक्सर देश पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए थोड़े समय के लिए 'वीजा फ्री' खिड़की खोलते हैं। जैसे ही वह समय सीमा खत्म होती है या देशों के बीच समझौते के नए नियम लागू होते हैं, वैसे ही पुरानी सुविधा वापस ले ली जाती है। ताजा रिपोर्ट्स में इन्हीं दो देशों की ओर इशारा किया गया है। अब अगर आप पुराने ब्लॉग पढ़कर या किसी की सुनी-सुनाई बातों में आकर सीधे फ्लाइट पकड़ लेते हैं, तो आपको एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया जाएगा।
पर्यटकों पर क्या होगा असर?
सीधी सी बात है कि अब आपको अपनी ट्रिप की प्लानिंग कम से कम 15-20 दिन पहले से करनी होगी। साथ ही वीजा के खर्च को भी अपने बजट में शामिल करना पड़ेगा। अक्सर लोग सोचते हैं कि ई-वीजा (E-Visa) काफी है, पर कुछ देशों ने अब 'फिजिकल डॉक्यूमेंट्स' पर जोर देना शुरू कर दिया है।
मेरी एक छोटी सी सलाह:
जब भी किसी देश की यात्रा का मन बनाएं, तो सबसे पहले उस देश के दूतावास (Embassy) की आधिकारिक वेबसाइट जरूर चेक करें। इंटरनेट पर मौजूद पुरानी 'वीजा-फ्री' देशों की लिस्ट पर आँख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है। अपने साथ सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स, होटल बुकिंग के कन्फर्मेशन और पर्याप्त बैलेंस का सबूत जरूर रखें, क्योंकि नियमों में ये बदलाव कभी-कभी एंट्री पॉइंट पर भी भारी पूछताछ का कारण बनते हैं।
अपनी मेहनत की कमाई और सपनों की वेकेशन को बचाना है, तो कागजी कार्रवाई में बिल्कुल ढील न बरतें!