स्कूल था या जंगल? रांची में बीच क्लास के दौरान जब घुसा जंगली जानवर, देखें कैसे बची बच्चों की जान
News India Live, Digital Desk : स्कूलों में आमतौर पर सुबह की प्रार्थना के बाद पढ़ाई-लिखाई का शांत माहौल रहता है, लेकिन आज का नज़ारा बिलकुल अलग था। जैसे ही किसी ने स्कूल कैंपस के अंदर एक 'लकड़बग्घे' (Hyena) को टहलते देखा, देखते ही देखते पूरे स्कूल में सन्नाटा चीख-पुकार में बदल गया। लकड़बग्घे को देखते ही स्टाफ और बच्चों के होश उड़ गए और अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
क्लासरूम्स में कैद हो गए बच्चे
जैसे ही इस जंगली जानवर की खबर फैली, स्कूल मैनेजमेंट ने तुरंत फुर्ती दिखाई और सारे बच्चों को क्लासरूम्स के अंदर बंद कर दिया गया। दरवाज़े लॉक कर दिए गए ताकि लकड़बग्घा किसी भी हालत में अंदर न जा सके। लोग खिड़कियों से बाहर उस मंजर को देख रहे थे, जहाँ वह जंगली जानवर गुस्से में इधर-उधर भटक रहा था। दहशत का आलम यह था कि छोटे बच्चे डर के मारे रोने लगे और पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया।
वन विभाग का घंटों चला 'मिशन् रेस्क्यू'
इस बीच फौरन पुलिस और वन विभाग की टीम को खबर दी गई। विशेषज्ञों की टीम जाल और पिंजरों के साथ मौके पर पहुँची। लकड़बग्घे को रेस्क्यू करना इतना आसान नहीं था, क्योंकि भीड़ और शोर की वजह से वह काफी आक्रामक हो रहा था। कई घंटों की मशक्कत और सूझबूझ के बाद, वन विभाग ने सुरक्षित रूप से उसे काबू में किया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे ड्रामे के दौरान किसी भी बच्चे या स्टाफ को कोई चोट नहीं आई।
कैसे आया शहर के बीचों-बीच लकड़बग्घा?
रांची का यह इलाका भले ही शहरी हो, लेकिन आस-पास के बढ़ते निर्माण कार्यों की वजह से जंगली जानवरों के प्राकृतिक आवास (Habitats) खत्म हो रहे हैं। शायद यही वजह है कि भटकते हुए यह लकड़बग्घा खाने या ठिकाने की तलाश में स्कूल की बाउंड्री पार कर अंदर घुस आया।
स्कूल प्रशासन की सतर्कता की चर्चा
सोशल मीडिया पर लोग स्कूल की सुरक्षा पर भी चर्चा कर रहे हैं। अच्छी बात ये रही कि स्टाफ ने आपा नहीं खोया और सही समय पर सही फैसला लिया। यदि ज़रा भी ढिलाई बरती जाती, तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अभिभावकों का कहना है कि अब उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजते वक्त दीवार की ऊंचाई और गेट की सुरक्षा पर भी गौर करना होगा।
आपकी राय?
क्या आपको भी लगता है कि इंसानी आबादी का जंगलों की तरफ बढ़ना इस तरह की घटनाओं के लिए जिम्मेदार है? या फिर स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था में अब सीसीटीवी के साथ-साथ कंक्रीट की दीवारों पर तार लगाना भी अनिवार्य होना चाहिए?