धौलपुर में ममता हुई शर्मसार जिस माँ ने उँगली पकड़कर चलना सिखाया, बेटे ने उसी को पहुँचाया श्मशान
News India Live, Digital Desk: समाज में माँ और बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन धौलपुर के कोलारी थाना क्षेत्र के एक गाँव में एक 'कलयुगी बेटे' ने इस पवित्र रिश्ते को खून से नहला दिया। एक मामूली विवाद इस कदर बढ़ गया कि आवेश में आए बेटे ने अपनी ही जन्म देने वाली माँ पर लाठियों से हमला कर दिया।
क्या थी उस वक्त की पूरी कहानी?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, घर में किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई थी। अक्सर ग्रामीण इलाकों में छोटे-मोटे झगड़े होते रहते हैं, लेकिन यहाँ मामला अचानक हिंसक हो गया। आरोपी बेटे ने तैश में आकर डंडा उठाया और अपनी माँ पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। माँ चीखती रही, बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन पत्थर दिल बेटे का हाथ नहीं रुका। सिर और शरीर पर लगी गंभीर चोटों की वजह से माँ ने मौके पर ही या अस्पताल ले जाते वक्त दम तोड़ दिया।
गाँव में पसरा मातम और दहशत
जैसे ही पड़ोसियों और गाँव वालों को इस खौफनाक वारदात का पता चला, पूरे गाँव में सन्नाटा पसर गया। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि उनके बीच रहने वाला एक लड़का इतना बड़ा कदम उठा सकता है। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटे के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी तलाश तेज कर दी गई है। आखिर इस नृशंस हत्या के पीछे का असल कारण क्या था—सिर्फ गुस्सा या कोई पुराना विवाद—पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है।
बदलते समाज की कड़वी हकीकत
ऐसी घटनाएं हमें सोचने पर मजबूर कर देती हैं कि आखिर हमारे समाज में धैर्य और संस्कारों की इतनी कमी क्यों होती जा रही है? जो हाथ माँ के पैर छूने चाहिए थे, वो उस पर वार कैसे कर सकते हैं? धौलपुर की यह घटना महज एक क्राइम न्यूज़ नहीं है, बल्कि हमारे गिरते हुए सामाजिक मूल्यों की एक डरावनी तस्वीर भी है।
आपकी राय?
क्या ऐसे मामलों में सिर्फ कानून ही एकमात्र रास्ता है, या हमें रिश्तों में बढ़ते तनाव को सुलझाने के लिए सामाजिक काउंसलिंग पर भी ध्यान देना चाहिए? इस कलयुगी बेटे को क्या सजा मिलनी चाहिए? अपनी बात हमें जरूर बताएं।