Wednesday's Panchang : राहुकाल ही नहीं, आज भद्रा और पंचक का भी है साया, जानें दिन का हर शुभ-अशुभ पहर
News India Live, Digital Desk: हर दिन की शुरुआत अगर पंचांग देखकर की जाए तो दिनभर के कामों की योजना बनाना आसान हो जाता है. पंचांग हमें दिन के शुभ-अशुभ समय, ग्रहों की चाल और विशेष योगों के बारे में जानकारी देता है, जिससे हम अपने जरूरी कामों के लिए सही समय चुन सकते हैं.
आज 10 सितंबर 2025, दिन बुधवार है. यह दिन भगवान गणेश की उपासना के लिए विशेष माना जाता है. आज पितृ पक्ष की तृतीया तिथि भी है, इसलिए आज के दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाएगा जिनका निधन किसी भी महीने की तृतीया तिथि को हुआ हो.
आइए जानते हैं आज का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय.
आज का पंचांग (10 सितंबर 2025, बुधवार)
- विक्रम संवत: 2082
- शक संवत: 1947
- मास: आश्विन (हिंदू कैलेंडर के अनुसार), भाद्रपद (सौर कैलेंडर के अनुसार)
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: तृतीया - दोपहर 03:37 PM तक, उसके बाद चतुर्थी तिथि लग जाएगी
- नक्षत्र: रेवती - शाम 04:03 PM तक, उसके बाद अश्विनी नक्षत्र
- योग: वृद्धि - रात्रि 08:31 PM तक, उसके बाद ध्रुव योग.
- करण: विष्टि - दोपहर 03:37 PM तक, उसके बाद बव.
- सूर्य राशि: सिंह
- चंद्र राशि: मीन राशि - शाम 04:03 PM तक, उसके बाद मेष राशि.
सूर्य और चंद्र का समय
- सूर्योदय: सुबह 06:04 AM
- सूर्यास्त: शाम 06:32 PM
- चंद्रोदय: रात्रि 08:06 PM
- चंद्रास्त: 11 सितंबर, सुबह 08:35 AM
शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:53 AM से दोपहर 12:43 PM तक.
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:23 PM से 03:12 PM तक.
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:31 AM से 05:18 AM तक
- गोधूलि बेला: शाम 06:32 PM से 06:55 PM तक.
- अमृत काल: सुबह 07:37 AM से 09:10 AM तक.
- श्राद्ध के लिए शुभ मुहूर्त:
- कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:53 AM से दोपहर 12:43 PM तक.
- रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:43 PM से 01:33 PM तक.
- अपराह्न काल: दोपहर 01:33 PM से शाम 04:02 PM तक
अशुभ मुहूर्त (Ashubh Muhurat)
- राहुकाल: दोपहर 12:18 PM से 01:51 PM तक.
- यमगण्ड: सुबह 07:37 AM से 09:11 AM तक
- गुलिक काल: सुबह 10:44 AM से दोपहर 12:18 PM तक.
- दुर्मुहूर्त: सुबह 11:53 AM से दोपहर 12:43 PM तक.
- भद्रा: सुबह 06:04 AM से दोपहर 03:37 PM तक
- पंचक: सुबह 06:04 AM से शाम 04:03 PM तक.
आज का विशेष: आज पितृ पक्ष का तृतीया श्राद्ध है. इसके साथ ही दोपहर 03:37 बजे के बाद चतुर्थी तिथि लगने से विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जाएगा.
दिशाशूल: बुधवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहता है. अगर इस दिशा में यात्रा करना बहुत जरूरी हो, तो घर से निकलने से पहले हरा धनिया या तिल खाकर निकलें.