पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का 'येलो अलर्ट', हिमाचल और केरल में भारी बारिश से तबाही, 566 सड़कें बंद
नई दिल्ली:मानसून की विदाई से ठीक पहले, देश के कई राज्यों में मौसम एक बार फिर कहर बरपा रहा है। पहाड़ों पर हिमाचल प्रदेश से लेकर दक्षिण में केरल तक, भारी बारिश ने जन-जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इन दोनों राज्यों के कई जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
हिमाचल: पहाड़ों पर फिर बरसी आफत, सड़कें बनीं 'नदी'
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की घटनाएं आम हो गई हैं।
- 566 सड़कें बंद: प्रदेश में सबसे बड़ा संकट सड़कों का है। बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में तीन राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) सहित कुल 566 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह से बंद हो गई हैं। इससे हजारों लोग और पर्यटक अलग-अलग जगहों पर फंस गए हैं और उन तक राहत पहुंचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
- शिमला-कालका हाईवे पर खतरा:सबसे ज्यादा असर शिमला, मंडी और कुल्लू जिलों में देखने को मिल रहा है। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल शिमला-कालका रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है, जिसके चलते कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
- किसानों पर दोहरी मार:खेतों में खड़ी सेब और टमाटर की फसलें बारिश की वजह से बर्बाद हो रही हैं, जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ी है।
केरल: दक्षिण में भी मॉनसून का रौद्र रूप
पहाड़ों से दूर, दक्षिण भारत के राज्य केरल में भी भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं। IMD ने राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की भविष्यवाणी करते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।
कोच्चि और त्रिशूर में जलभराव: लगातार बारिश के कारण कोच्चि, त्रिशूर और मलप्पुरम जैसे जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
मछुआरों को चेतावनी: खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी जारी की है।
दोनों राज्यों में प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल अलर्ट पर हैं। लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और उफनती नदियों के पास न जाने की अपील की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम है।