रायपुर में 5.42 लाख मतदाताओं पर वोट' का संकट 14 फरवरी तक नहीं किया ये काम, तो कट जाएगा लिस्ट से नाम

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News India Live, Digital Desk: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (Electoral Roll Revision) को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिले के लगभग 5.42 लाख मतदाताओं की साख दांव पर है। यदि इन मतदाताओं ने आगामी 14 फरवरी 2026 तक अपने दस्तावेजों का सत्यापन नहीं कराया, तो उनका नाम अंतिम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा।

क्यों कट रहे हैं नाम? (गड़बड़ी का गणित)

प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के विवरण में विसंगतियां हैं। आंकड़ों के अनुसार:

विवरण में त्रुटि: करीब 4.22 लाख मतदाताओं के नाम, उम्र, लिंग या पिता के नाम में गलतियां पाई गई हैं।

दस्तावेजों का मिलान नहीं: लगभग 1.33 लाख ऐसे मतदाता हैं जिनके वर्ष 2003 और 2025 के दस्तावेजों में भारी अंतर है, जिसके कारण उन पर आपत्ति दर्ज की गई है।

महिला मतदाताओं पर ज्यादा असर: जांच में यह भी पाया गया है कि आपत्तियों की सूची में महिला मतदाताओं की संख्या तुलनात्मक रूप से अधिक है।

14 फरवरी है 'डेडलाइन'

उपजिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उन्हें अपनी शुद्धता साबित करने के लिए 14 फरवरी 2026 तक का समय दिया गया है।

15 से 20 फरवरी: प्राप्त आवेदनों और सत्यापन की प्रशासनिक प्रक्रिया चलेगी।

21 फरवरी: संशोधित और अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।

क्या करें मतदाता?

यदि आपको निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस मिला है या आपको संदेह है कि आपका नाम कट सकता है, तो तुरंत ये कदम उठाएं:

अपने क्षेत्र के BLO (Booth Level Officer) से संपर्क करें।

आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र के साथ विवरण का मिलान कराएं।

'ऑनलाइन' वोटर पोर्टल के माध्यम से भी अपनी स्थिति चेक करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंतिम प्रकाशन के बाद नाम जुड़वाने की प्रक्रिया काफी जटिल और असुविधाजनक हो सकती है, इसलिए समय रहते सुधार कराना ही समझदारी है।