मुंबई बीच पर नग्न अवस्था में ध्यान लगाते थे विनोद खन्ना पत्नी कविता ने सुपरस्टार की ओशो भक्ति का खोला बड़ा राज

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News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड के 'मस्कुलर मैन' और सुपरस्टार विनोद खन्ना अपनी अदाकारी के साथ-साथ अपनी आध्यात्मिक खोज के लिए भी जाने जाते थे। जब वे अपने करियर के शिखर पर थे, तब उन्होंने सब कुछ छोड़कर सन्यास ले लिया था। अब उनकी दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने विनोद खन्ना के ओशो (रजनीश) के प्रति समर्पण और उनकी कठिन आध्यात्मिक साधना को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है।

"जब लोग सो रहे होते, वे समंदर किनारे ध्यान करते थे"

कविता खन्ना ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि विनोद खन्ना अपनी साधना को लेकर कितने गंभीर थे। उन्होंने साझा किया कि विनोद अक्सर रात के सन्नाटे में मुंबई के जुहू बीच पर चले जाते थे। कविता के अनुसार, "वे आधी रात को बीच पर जाकर बिना कपड़ों के (नग्न अवस्था में) ध्यान लगाया करते थे। वे प्रकृति के साथ पूरी तरह एकाकार होना चाहते थे और उनके लिए यह ईश्वर से जुड़ने का एक तरीका था।"

करियर के पीक पर क्यों बने 'माली'?

विनोद खन्ना का फिल्मी सफर तब चर्चा में आया जब उन्होंने अमिताभ बच्चन को टक्कर देते हुए अचानक बॉलीवुड को अलविदा कह दिया। वे ओशो के आश्रम चले गए जहाँ उन्होंने बर्तन धोने और माली का काम करने में भी संकोच नहीं किया। कविता बताती हैं कि विनोद खन्ना के लिए शोहरत कभी मायने नहीं रखती थी; वे केवल आंतरिक शांति की तलाश में थे।

अध्यात्म और गृहस्थी के बीच का संतुलन

भले ही लोग उन्हें एक स्टार के रूप में देखते थे, लेकिन घर के भीतर वे एक जिज्ञासु साधक थे। कविता ने बताया कि कैसे सन्यास से लौटने के बाद भी उनके भीतर का 'भिक्षु' हमेशा जीवित रहा। वे अक्सर घंटों तक गहरे ध्यान में डूबे रहते थे और सांसारिक चकाचौंध से कोसों दूर अपनी ही दुनिया में रहते थे।

विनोद खन्ना का यह पहलू आज भी उनके फैंस के लिए प्रेरणादायक और उतना ही रहस्यमयी है। एक ऐसा अभिनेता जिसने अपनी शर्तों पर जिया और अपनी शर्तों पर ही ईश्वर को खोजा।