Vastu Tips for Money : क्या आपके हाथ में भी नहीं टिकता पैसा? घर में आज ही करें ये 5 बदलाव; चुंबक की तरह खिंचा आएगा धन

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News India Live, Digital Desk: वास्तु शास्त्र में 'दिशा' और 'दशा' का बहुत महत्व है। यदि घर की उत्तर-पूर्व दिशा दूषित हो या तिजोरी गलत स्थान पर रखी हो, तो आमदनी से ज्यादा खर्चा होना तय है। अगर आप भी लगातार आर्थिक तंगी (Financial Crisis) से जूझ रहे हैं, तो वास्तु के इन सरल नियमों को अपनाकर आप अपनी किस्मत बदल सकते हैं।

1. तिजोरी की सही दिशा: उत्तर की ओर हो मुख

वास्तु के अनुसार, धन के देवता कुबेर का वास उत्तर दिशा में होता है।

नियम: अपनी तिजोरी या अलमारी को घर के दक्षिण (South) हिस्से में इस तरह रखें कि उसका दरवाजा खुलते समय उत्तर (North) दिशा की ओर खुले।

बचाव: कभी भी तिजोरी को पश्चिम या दक्षिण की ओर खुलने वाली दिशा में न रखें, इससे पैसा टिकता नहीं है।

2. नल से पानी टपकना: धन की बर्बादी का संकेत

अक्सर लोग घर के नल से टपकते पानी को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन वास्तु में इसे बहुत अशुभ माना गया है।

असर: नल से पानी का टपकना सीधे तौर पर धन की बर्बादी का प्रतीक है। जैसे-जैसे पानी बूंद-बूंद बहता है, वैसे ही घर की लक्ष्मी धीरे-धीरे बाहर चली जाती है।

समाधान: अगर घर का कोई भी नल खराब है, तो उसे तुरंत ठीक करवाएं।

3. उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) को रखें खाली और साफ

घर का उत्तर-पूर्व कोना 'ईशान कोण' कहलाता है, जहाँ देवी-देवताओं का वास होता है।

गलती: इस कोने में भारी सामान, कबाड़ या शौचालय होना सबसे बड़ा वास्तु दोष है। यह कर्ज बढ़ाता है।

टिप: इस दिशा को हमेशा साफ-सुथरा और खुला रखें। यहाँ एक छोटा सा नीले रंग का पानी का फव्वारा या कलश रखना धन को आकर्षित करता है।

4. मुख्य द्वार पर लगाएं ये खास चीजें

घर का मुख्य दरवाजा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है।

उपाय: मुख्य द्वार पर माता लक्ष्मी के पद चिह्न (अंदर की ओर आते हुए) और 'शुभ-लाभ' का चिह्न जरूर लगाएं।

सावधानी: दरवाजे के पीछे कभी भी झाड़ू न रखें और मुख्य द्वार के सामने गंदगी न होने दें। झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखें ताकि किसी बाहरी व्यक्ति की नजर उस पर न पड़े।

5. नमक का चमत्कारी उपाय

कांच की एक कटोरी में थोड़ा सा मोटा नमक (Rock Salt) डालकर उसे बाथरूम या घर के किसी कोने में रखें।

तर्क: नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है और घर के वातावरण को शुद्ध करता है। इससे बरकत बनी रहती है और घर के सदस्यों की फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है।