Vastu Shastra: घर में इस दिशा में रखा कूड़ेदान लाता है दुर्भाग्य और बीमारी, आज ही जानें सही जगह
News India Live, Digital Desk : हम अपने घर को सुंदर और साफ़-सुथरा रखने के लिए क्या कुछ नहीं करते. महंगी सजावट, सुंदर पेंट और साफ़-सफाई पर हमारा पूरा ध्यान रहता है. लेकिन इस सब के बीच हम एक बहुत ही मामूली सी चीज़ 'कूड़ेदान' (Dustbin) को अक्सर नज़रअंदाज़ कर देते हैं. हम उसे अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी कोने में रख देते हैं. पर क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिशा में रखा गया कूड़ेदान आपके घर की सुख-शांति और आर्थिक तरक्की में सबसे बड़ी रुकावट बन सकता है?
कूड़ेदान सिर्फ कूड़ा रखने की चीज़ नहीं
वास्तु के अनुसार, कूड़ेदान को राहु का प्रतीक माना जाता है. यह नकारात्मक ऊर्जा और गंदगी को अपने अंदर समेटे रखता है. अगर इसे घर की शुभ और सकारात्मक ऊर्जा वाली दिशाओं में रख दिया जाए, तो यह उस दिशा की सारी अच्छी ऊर्जा को दूषित कर देता है, जिसका सीधा असर घर के सदस्यों के स्वास्थ्य, मन और आर्थिक स्थिति पर पड़ता है.
भूलकर भी इन दिशाओं में न रखें कूड़ेदान:
- उत्तर-पूर्व (ईशान कोण): यह घर की सबसे पवित्र दिशा मानी जाती है. यह दिशा देवताओं और भगवान शिव का स्थान है. इसे 'पूजा की दिशा' भी कहते हैं. इस दिशा में कूड़ेदान रखने से घर के सदस्यों का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ता है. घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता है और व्यक्ति को जीवन में कोई सही रास्ता नहीं सूझता.
- उत्तर दिशा: यह दिशा धन के देवता कुबेर और माँ लक्ष्मी का स्थान मानी जाती है. अगर आप इस दिशा में कूड़ादान रखते हैं, तो आप सीधे-सीधे अपनी आर्थिक तरक्की में बाधा डाल रहे हैं. ऐसा करने से नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिलने बंद हो जाते हैं और धन की हानि होने लगती है.
- पूर्व दिशा: सूर्योदय की यह दिशा स्वास्थ्य और सामाजिक रिश्तों की होती है. इस दिशा में कूड़ेदान रखने से घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है और बाहरी लोगों से रिश्ते खराब होने लगते हैं. परिवार का मान-सम्मान भी कम होता है.
तो फिर कूड़ेदान रखने की सही दिशा कौन सी है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नकारात्मक और भारी वस्तुओं को रखने के लिए कुछ दिशाएं तय की गई हैं, जो कूड़ेदान के लिए सबसे उपयुक्त हैं:
- दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण): यह दिशा कूड़ेदान रखने के लिए सबसे उत्तम मानी जाती है. यह विसर्जन और भारीपन की दिशा है, इसलिए यहाँ डस्टबिन रखने से उसकी नकारात्मक ऊर्जा घर के बाकी हिस्सों को प्रभावित नहीं करती.
- उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण): इस दिशा में भी कूड़ेदान रखा जा सकता है.
- दक्षिण दिशा: यदि ऊपर बताई गई दोनों दिशाओं में जगह न हो, तो दक्षिण दिशा भी एक विकल्प हो सकता है.
कुछ और ज़रूरी बातें:
- कभी भी मुख्य द्वार के ठीक सामने कूड़ेदान न रखें.
- कोशिश करें कि कूड़ेदान हमेशा ढक्कन वाला हो.
- रसोई का कूड़ा और घर का बाकी सूखा कूड़ा अलग-अलग रखें.
- रात को सोने से पहले घर का कूड़ा बाहर फेंक दें, उसे घर में जमा न होने दें.
आज ही अपने घर में रखे कूड़ेदान की जगह को जांचें. यह एक छोटा सा बदलाव आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकता है और कई अनचाही परेशानियों से आपको बचा सकता है.