लखनऊ में बाढ़ का कहर: इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल तक पहुंचा पानी, शहीद पथ समेत सड़कें बनीं दरिया; रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर ने विकराल रूप धारण कर लिया है। शहर के निचले रिहायशी इलाकों के बाद अब बाढ़ और भीषण जलभराव का पानी लखनऊ के सबसे आधुनिक और हाई-प्रोफाइल विस्तार क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। अमर शहीद पथ पर स्थित भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Stadium) और उसके ठीक पास बने फीनिक्स पलासियो मॉल (Phoenix Palassio Mall) के आसपास के इलाकों में सड़कों ने दरिया का रूप ले लिया है। गोमती नगर विस्तार, सुल्तानपुर रोड कनेक्टिंग कट और अहिमामऊ चौराहे के आसपास भारी मात्रा में पानी भरने से सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर के इस प्रीमियम कमर्शियल और स्पोर्ट्स कॉरिडोर में बाढ़ जैसी स्थिति बनने से स्थानीय प्रशासन, नगर निगम और आपदा प्रबंधन टीमों में हड़कंप मच गया है।
इकाना स्टेडियम और फीनिक्स पलासियो मॉल के बेसमेंट व सर्विस लेन में भरा पानी
इकाना स्टेडियम और पलासियो मॉल के आसपास के संपर्क मार्गों, मुख्य पार्किंग लॉट्स और सर्विस रोड्स पर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा है। मॉल के भूमिगत पार्किंग क्षेत्र (Basement Parking) में पानी के रिसाव को रोकने के लिए प्रशासन और प्रबंधन द्वारा तत्काल सैंडबैग्स (रेत की बोरियां) लगाकर अवरोध तैयार किए जा रहे हैं। कई वाहनों के पहिए पानी में डूब चुके हैं, जिसके चलते सुरक्षा गार्डों और रेस्क्यू टीमों की मदद से गाड़ियों को क्रेन के जरिए सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। मॉल में आने वाले ग्राहकों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए गए हैं। वहीं इकाना स्टेडियम परिसर के चारों ओर बने जल निकासी ड्रेनेज सिस्टम ओवरफ्लो हो जाने के कारण स्टेडियम के गेट नंबर 1 और 2 के सामने की सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है, जिससे आगामी खेल आयोजनों और प्रैक्टिस सेशंस को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।
शहीद पथ पर भीषण ट्रैफिक जाम, गोमती नगर विस्तार की कॉलोनियों में घुसा पानी
शहीद पथ पर जलभराव के चलते कानपुर रोड से अयोध्या रोड और सुल्तानपुर रोड की ओर जाने वाले ट्रैफिक की रफ्तार पूरी तरह थम गई है। अहिमामऊ अंडरपास और पलासियो कट के पास भारी गाड़ियां और कारें पानी के बीच फंसी नजर आईं, जिससे कई किलोमीटर लंबा भीषण जाम लग गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए यात्रियों से शहीद पथ के पलासियो-इकाना स्ट्रेच से बचने और वैकल्पिक मार्गों जैसे कैंट, तेलीबाग या रायबरेली रोड का इस्तेमाल करने की अपील की है। इसके अतिरिक्त, गोमती नगर विस्तार के सेक्टर-4, 6 और 7 के निचले अपार्टमेंट्स, रिवर व्यू एन्क्लेव और आसपास की ग्रीन बेल्ट में बैकवाटर भरने से सोसायटियों के निवासियों के सामने दूध, सब्जी और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की आपूर्ति का संकट खड़ा हो गया है।
जल निकासी के लिए 20 से अधिक हेवी-ड्यूटी पंप तैनात, नगर निगम और एलडीए अलर्ट पर
बाढ़ और जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए लखनऊ नगर निगम (LMC), लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और सुएज (Suez) इंडिया की टीमें 24 घंटे युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। इकाना और पलासियो मॉल क्षेत्र से पानी को तेजी से गोमती नदी और मुख्य नालों में फेंकने के लिए 20 से अधिक हेवी-ड्यूटी डीजल पम्पिंग सेट्स लगाए गए हैं। नगर आयुक्त और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर ड्रेनेज ब्लॉकेज की स्थिति का जायजा लिया। गोमती नदी के बैराज के सभी गेटों को पहले ही खोल दिया गया है ताकि शहर के भीतर बैकफ्लो का दबाव कम किया जा सके। हालांकि, नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण गोमती का जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब बना हुआ है, जिससे ड्रेनेज का पानी प्राकृतिक रूप से निकलने में वक्त लग रहा है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की नावें तैनात, कंट्रोल रूम नंबर जारी
जिला प्रशासन ने ऐहतियात के तौर पर एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को मोटरबोट्स के साथ गोमती नगर विस्तार, समता मूलक चौक और कछार वाले इलाकों में स्टैंडबाय पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित निकाला जा सके। लखनऊ जिला मजिस्ट्रेट ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने शहरवासियों की सुविधा के लिए 24 घंटे का फ्लड कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर (0522-2615195 / 1920) जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 24 से 48 घंटों में लखनऊ और आसपास के अवध क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी रखा है, जिससे प्रशासन ने नागरिकों को जलभराव वाले रास्तों पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने और बिजली के खंभों व खुले तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है।