US-Russia Relations : रूस पर अब होगी बड़ी कार्रवाई? ट्रंप ने दिए नए प्रतिबंधों के संकेत, यूरोप का साथ ज़रूरी
News India Live, Digital Desk: US-Russia Relations : अमेरिका और रूस के रिश्तों में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ संकेत दिए हैं कि वो रूस के खिलाफ दूसरे दौर के कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैंयूक्रेन युद्ध को लेकर अपनी हताशा जाहिर करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने रूस को लेकर जितना सख्त रुख अपनाया है, उतना किसी ने नहीं अपनाया
लेकिन इस बार कहानी में एक नया मोड़ है. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यह कार्रवाई तभी सफल होगी जब यूरोप के देश भी इसमें अमेरिका का साथ दें.
ट्रंप के ट्रेजरी सचिव (वित्त मंत्री) स्कॉट बेसेंट ने इस योजना को और साफ करते हुए कहा है कि अमेरिका अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है.उनका मकसद उन देशों पर सेकेंडरी टैरिफ (अतिरिक्त कर) लगाना है जो रूस से तेल खरीद रहे हैं, ताकि रूस की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से "ध्वस्त" किया जा सके
एक इंटरव्यू में बेसेंट ने कहा, “अब यह एक दौड़ बन गई है कि यूक्रेनी सेना कब तक टिक पाती है और रूस की अर्थव्यवस्था कब तक झेल पाती है.” उनका मानना है कि अगर अमेरिका और यूरोपीय संघ मिलकर रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर और प्रतिबंध लगाते हैं, तो रूस की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी और यह बात राष्ट्रपति पुतिन को बातचीत की मेज पर आने के लिए मजबूर कर देगी.
यह बयान उस वक्त आया है जब रूस ने हाल ही में यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बड़ा हवाई हमला किया है.इस हमले के बाद अमेरिका का रुख और भी सख्त हो गया है.
ट्रंप प्रशासन पहले ही रूस के साथ व्यापार करने के कारण भारत जैसे देशों पर भारी टैरिफ लगा चुका है अब अमेरिका चाहता है कि यूरोपीय देश भी इस आर्थिक दबाव की रणनीति में खुलकर उसका साथ दें. बेसेंट ने बताया कि वह यूरोपीय नेताओं से इस बारे में मुलाकात कर और दबाव बनाने के तरीकों पर चर्चा करेंगे
साफ है कि अमेरिका अब रूस पर आर्थिक शिकंजा कसने के लिए एक निर्णायक कदम उठाना चाहता है, लेकिन इस बड़े खेल में कामयाबी मिलेगी या नहीं, यह काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि यूरोप के देश अमेरिका का कितना साथ देते हैं.