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April 05 2026 12:40 pm

US-Iran War Update: डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा एलान—'2 से 3 हफ्तों में खत्म होगी ईरान की जंग'; क्या 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के अंत की हो गई शुरुआत?

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मिडिल ईस्ट के रणक्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है जिसने वैश्विक राजनीति और शेयर बाजारों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए चौंकाने वाला बयान दिया है कि ईरान के साथ जारी युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकता है। ट्रंप के इस संकेत ने कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को लगभग पूरा कर चुका है, दुनिया भर के निवेशकों और कूटनीतिज्ञों को राहत की सांस लेने पर मजबूर कर दिया है।

अमेरिकी बाजार में 'रॉकेट' जैसी तेजी, गिफ्ट निफ्टी भी उछला

ट्रंप के इस बयान का असर तुरंत वैश्विक बाजारों पर दिखा:

Wall Street: नैस्डैक (Nasdaq) में 795 अंकों (3.83%) की ऐतिहासिक बढ़त दर्ज की गई, जबकि S&P 500 भी 2.91% ऊपर बंद हुआ।

कच्चा तेल (Crude Oil): युद्ध समाप्त होने की उम्मीद में तेल की कीमतें $101 प्रति बैरल के नीचे फिसल गई हैं।

भारतीय बाजार (Gift Nifty): भारत के लिए भी अच्छे संकेत हैं; गिफ्ट निफ्टी 340 पॉइंट्स (1.5%) ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे आज घरेलू बाजार की शुरुआत शानदार गैपअप के साथ होने की पूरी संभावना है।

ट्रंप की रणनीति: 'मिशन पूरा हुआ' और सहयोगियों को फटकार

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की नौसेना और मिसाइल बुनियादी ढांचे को नष्ट करना था, जो अब 'पूरी तरह से' खत्म होने की कगार पर है।

सहयोगियों पर बरसे ट्रंप: ट्रंप ने NATO और अन्य सहयोगी देशों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "जाओ और अपना तेल खुद सुरक्षित करो।" उनका मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से एशिया और यूरोप ज्यादा प्रभावित हैं, और अमेरिका अब मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर नहीं है।

अल्टीमेटम: ट्रंप ने कहा कि अगर अगले 2-3 हफ्तों में ईरान समझौते की मेज पर नहीं आता, तो हमले जारी रहेंगे, लेकिन अमेरिका अब वहां लंबे समय तक रुकने का इच्छुक नहीं है।

होर्मुज जलडमरूमध्य: क्या खुला रहेगा दुनिया का व्यापार मार्ग?

एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक लाइफलाइन 'होर्मुज' को खोले बिना ही अमेरिकी सेना पीछे हट जाएगी?

ईरान का दबदबा: यदि अमेरिका बिना रास्ता साफ कराए निकलता है, तो ईरान इस रूट पर अपना नियंत्रण और मजबूत कर सकता है।

आर्थिक अस्थिरता: जानकारों का मानना है कि इससे भविष्य में वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अस्थिरता का खतरा बना रहेगा, क्योंकि तेल की सप्लाई चैन ईरान के रहमों-करम पर होगी।

पीछे हटने की असली वजह: घरेलू राजनीति और चुनाव

विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रंप का यह हृदय परिवर्तन रणनीतिक से ज्यादा राजनीतिक है:

मिड-टर्म चुनाव: नवंबर में होने वाले चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को हार का डर सता रहा है।

महंगा पेट्रोल: युद्ध के कारण अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें $4 प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं, जिससे आम जनता में भारी नाराजगी है।

चुनावी वादा: ट्रंप ने हमेशा 'नो न्यू वॉर' (कोई नया युद्ध नहीं) का वादा किया था, जिसे निभाने का उन पर भारी दबाव है।