US Iran War : मैं ईरान को खत्म कर दूंगा सीजफायर के मूड में नहीं डोनाल्ड ट्रंप, युद्ध के बीच दी विनाशकारी चेतावनी
News India Live, Digital Desk: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी तनाव के बीच अब तक का सबसे आक्रामक रुख अपना लिया है। ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल किसी भी तरह के 'सीजफायर' (युद्धविराम) के पक्ष में नहीं हैं। एक हालिया बयान में उन्होंने ईरान को सीधी चेतावनी देते हुए कहा, "मैं ईरान को खत्म कर दूंगा।" ट्रंप के इस बयान ने दुनिया भर के कूटनीतिज्ञों की नींद उड़ा दी है और खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध (Full-scale War) की आशंका को प्रबल कर दिया है।
ट्रंप का 'नो कॉम्प्रोमाइज' फॉर्मूला: बातचीत के दरवाजे बंद?
डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा से ईरान के प्रति 'मैक्सिमम प्रेशर' (अधिकतम दबाव) की नीति अपनाई है, लेकिन इस बार उनके तेवर पहले से कहीं अधिक सख्त हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि जब तक ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय दखलंदाजी को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि पिछली सरकारों की 'तुष्टिकरण' की नीति ने ईरान को और अधिक शक्तिशाली बनाया है, जिसे वह अब अपनी निगरानी में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ईरान की घेराबंदी: इजरायल और ब्रिटेन का साथ
ट्रंप की इस चेतावनी के बाद इजरायल और ब्रिटेन जैसे सहयोगियों ने भी अपनी रणनीतियां तेज कर दी हैं। जहां ब्रिटेन ने अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति दी है, वहीं इजरायल ने ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की योजना बनाई है। ट्रंप का मानना है कि ईरान पर केवल प्रतिबंध लगाना काफी नहीं है, बल्कि उसके सैन्य ढांचे को पंगु बनाना अनिवार्य है। इस 'घेराबंदी' ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और वहां के सैन्य नेतृत्व को भी चौकन्ना कर दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और तेल संकट की आहट
ट्रंप के इस बयान का सीधा असर ग्लोबल मार्केट पर दिखना शुरू हो गया है। अगर अमेरिका वास्तव में ईरान पर सीधा हमला करता है, तो ईरान 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर सकता है। यह रास्ता वैश्विक तेल आपूर्ति की जीवन रेखा है। यदि ऐसा होता है, तो कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को महंगाई का बड़ा झटका लग सकता है।
क्या विश्व युद्ध की ओर बढ़ रही है दुनिया?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' (Psychological Warfare) का हिस्सा हो सकता है ताकि ईरान को टेबल पर लाया जा सके। हालांकि, ट्रंप की कार्यशैली को देखते हुए इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि वे किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन का आदेश दे दें। रूस और चीन भी इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह क्षेत्रीय संघर्ष एक बड़े वैश्विक तनाव में बदलता दिख रहा है।