US-Iran War Alert : पेंटागन में आधी रात को हुई सीक्रेट मीटिंग अमेरिका और इजरायल के जनरलों ने बनाया ईरान पर हमले का प्लान?
News India Live, Digital Desk: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आशंका अब हकीकत में बदलती दिख रही है। शुक्रवार को पेंटागन (Pentagon) में अमेरिकी और इजरायली सेना के शीर्ष कमांडरों के बीच एक हाई-लेवल 'क्लोज-डोर' बैठक हुई। इस मीटिंग की खबर को पहले पूरी तरह गुप्त रखा गया था, लेकिन रॉयटर्स (Reuters) की ताजा रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि इसमें ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य बुनियादी ढांचे पर 'सटीक स्ट्राइक' (Precision Strike) को लेकर चर्चा की गई है।
पेंटागन में जनरलों का जमावड़ा: कौन-कौन था शामिल?
इस गोपनीय बैठक में दोनों देशों के सबसे शक्तिशाली सैन्य दिमाग शामिल थे:
यूएस जनरल डैन केन (Gen. Dan Caine): अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन।
इयाल ज़मीर (Eyal Zamir): इजरायली सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ।
मोसाद और खुफिया अधिकारी: सूत्रों के अनुसार, इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के प्रमुख और पेंटागन की वरिष्ठ रणनीतिक टीम भी इस चर्चा का हिस्सा थी।
एजेंडे पर क्या था? 'ईरान का परमाणु कार्यक्रम' और जवाबी रणनीति
हालांकि आधिकारिक तौर पर बैठक का ब्यौरा साझा नहीं किया गया है, लेकिन इजरायली मीडिया के अनुसार:
परमाणु ठिकानों की घेराबंदी: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह 'ठप' करने की चेतावनी के बाद, दोनों देशों ने साझा हवाई और मिसाइल हमलों की रूपरेखा तैयार की है।
बी-2 बॉम्बर की तैनाती: मिडिल ईस्ट में अमेरिका ने अपने घातक बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स (B-2 Bombers) और अतिरिक्त नौसैनिक बेड़ों को सक्रिय कर दिया है।
ईरान का पलटवार: चर्चा का एक बड़ा हिस्सा इस बात पर केंद्रित था कि यदि हमला होता है, तो ईरान के 'प्रॉक्सी' (जैसे हिजबुल्लाह और हूतू) के हमलों से इजरायल को कैसे बचाया जाए।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का 'वार अलर्ट'
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार ईरान को 'मिटा देने' या बातचीत की मेज पर आने की धमकी दे रहे हैं।
ईरान का रुख: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने रविवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने कोई भी हिमाकत की, तो यह एक 'क्षेत्रीय महायुद्ध' (Regional War) की शुरुआत होगी।
इराक जैसा मॉडल: सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका साल 2003 के 'इराक मॉडल' की तरह ईरान में भी शासन परिवर्तन (Regime Change) या बड़े पैमाने पर सैन्य तबाही का विकल्प देख रहा है।
इजरायल की तैयारी: 'किसी भी स्थिति के लिए तैयार'
वाशिंगटन से लौटते ही जनरल इयाल ज़मीर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री को ब्रीफ किया। इसके तुरंत बाद इजरायली रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी किया कि उनकी सेना “किसी भी संभावित परिदृश्य के लिए पूरी तरह से ऑपरेशनल रेडीनेस (तैयारी) मोड में है।”