Bangladesh T20 World Cup : क्यों बांग्लादेश के लिए कुर्बान हो रहा है पाकिस्तान? भारत के खिलाफ बहिष्कार के पीछे की ये है असली इनसाइड स्टोरी

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News India Live, Digital Desk : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान सरकार का भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला खेल जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे भारत-पाकिस्तान के पुराने तनाव से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन इसकी मुख्य जड़ बांग्लादेश है। पाकिस्तान ने यह जोखिम भरा कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने और आईसीसी (ICC) द्वारा बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किए जाने के विरोध में उठाया है।

1. विवाद की शुरुआत: मुस्तफिजुर रहमान और सुरक्षा चिंताएं

विवाद की चिंगारी तब सुलगी जब आईपीएल (IPL) के दौरान बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास आई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार और BCB ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने से मना कर दिया।

बांग्लादेश की मांग: BCB ने आईसीसी से मांग की थी कि उनके ग्रुप स्टेज के मैच (जो कोलकाता और मुंबई में होने थे) भारत से हटाकर श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं।

2. ICC का 'नो' और पाकिस्तान का 'सपोर्ट'

आईसीसी ने सुरक्षा समीक्षा के बाद बांग्लादेश की मांग को ठुकरा दिया और कहा कि भारत में कोई सुरक्षा खतरा नहीं है।

अकेला पड़ा पाकिस्तान: जब आईसीसी बोर्ड में इस पर वोटिंग हुई, तो 16 देशों में से केवल पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया। बाकी 14 देशों ने भारत के पक्ष में वोट दिया।

बांग्लादेश का निष्कासन: जब बांग्लादेश ने भारत आने से अंतिम रूप से मना कर दिया, तो आईसीसी ने उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया।

3. 'एकजुटता' (Solidarity) का संदेश

पीसीबी (PCB) चीफ मोहसिन नकवी ने इसे आईसीसी का "दोहरा मापदंड" बताया। पाकिस्तान का तर्क है:"अगर पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव के कारण मैच हाइब्रिड मॉडल (न्यूट्रल वेन्यू) पर हो सकते हैं, तो बांग्लादेश की सुरक्षा चिंताओं को भी वैसा ही सम्मान मिलना चाहिए था।"

इसी "अन्याय" के विरोध में पाकिस्तान सरकार ने निर्देश दिया है कि उनकी टीम टूर्नामेंट में तो खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार कर अपना विरोध दर्ज कराएगी।

4. राजनीति या रणनीतिक चाल?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस 'एकजुटता' के पीछे दक्षिण एशिया की बदलती राजनीति भी है:

क्षेत्रीय राजनीति: बांग्लादेश में आगामी चुनाव और पाकिस्तान के साथ उनके सुधरते रिश्तों ने इस खेल कूटनीति को जन्म दिया है।

ICC पर दबाव: पाकिस्तान इस कदम के जरिए आईसीसी और बीसीसीआई (BCCI) के प्रभुत्व को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है।

क्या पाकिस्तान का दांव उल्टा पड़ेगा?

आईसीसी ने पहले ही चेतावनी दी है कि पाकिस्तान का यह "चयनात्मक भागीदारी" (Selective Participation) का फैसला उनके वार्षिक राजस्व (लगभग $34.5 मिलियन) को रोक सकता है और भविष्य के टूर्नामेंट्स में उनके खेलने पर पाबंदी लगा सकता है।