बिहार में रील बनाने पर बवाल, स्टेशन मास्टर को चढ़ा बाहुबली बनने का नशा, कह दी ऐसी बात कि चली गई कुर्सी

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News India Live, Digital Desk : आज के दौर में हाथ में मोबाइल और इंटरनेट हो, तो कब क्या वायरल हो जाए, कोई नहीं जानता। और अगर आप बिहार में हैं, तो "चाचा विधायक हैं" या "फलां भैया को जानते हो?" वाला डायलॉग तो आपने जरूर सुना होगा। ऐसा ही एक अजीबोगरीब मामला बिहार के समस्तीपुर से सामने आया है, जिसने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है।

मामला है खुदीराम बोस पूसा रेलवे स्टेशन (Khudiram Bose Pusa Station) का। यहाँ एक स्टेशन मास्टर साहब को रील बनाने वाले कुछ लड़कों पर इतना गुस्सा आया कि उन्होंने अपनी पद-गरिमा तो छोड़ी ही, साथ में बाहुबली नेता का नाम लेकर "ठोक देने" की धमकी तक दे डाली।

आखिर हुआ क्या था?

कहानी कुछ यूँ है कि स्टेशन पर कुछ लड़के मोबाइल से रील (Video) बना रहे थे। यह सही है कि स्टेशन परिसर में बिना इजाजत वीडियोग्राफी करना नियमों के खिलाफ है। एक जिम्मेदार अधिकारी होने के नाते, स्टेशन मास्टर को उन्हें नियम समझाने चाहिए थे या जुर्माना लगाना चाहिए था।

लेकिन, यहाँ तो कहानी ही पलट गई। वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि स्टेशन मास्टर साहब अपना आपा खो बैठे। वे न सिर्फ उन लड़कों को भद्दी गालियां देते नज़र आए, बल्कि उन्होंने अपनी 'बैकग्राउंड' का भी खूब प्रदर्शन किया।

"हम मुन्ना शुक्ला के भतीजे हैं..."

जी हाँ, यही वो लाइन है जिसने इस पूरे मामले को तूल दे दिया। वीडियो में कथित तौर पर स्टेशन मास्टर यह कहते सुनाई दे रहे हैं, "हम मुन्ना शुक्ला के भतीजे हैं... यहीं ठोक देंगे।" मुन्ना शुक्ला (Munna Shukla) बिहार की राजनीति में एक बड़ा और चर्चित नाम हैं, जिन्हें बाहुबली नेता माना जाता है।

अब सोचिए, एक सरकारी कर्मचारी, जिसकी जिम्मेदारी यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन संचालन की है, अगर वो खुद को "बाहुबली का रिश्तेदार" बताकर गोली मारने (ठोकने) की बात करे, तो जनता पर क्या असर पड़ेगा?

रेलवे ने नहीं की देरी, तुरंत लिया एक्शन

अच्छी बात यह रही कि सोशल मीडिया ने अपना काम कर दिया। यह वीडियो जंगल में आग की तरह फैला और रेलवे के बड़े अधिकारियों (DRM) तक पहुँच गया। रेलवे प्रशासन को यह "गुंडई वाला अंदाज़" बिल्कुल पसंद नहीं आया।

जैसे ही मामला ऊपर पहुंचा, तुरंत कार्रवाई की गई। समस्तीपुर रेल मंडल ने उस सहायक स्टेशन मास्टर को ड्यूटी से हटा दिया है और मामले की जांच बैठा दी है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी पर रहते हुए इस तरह का व्यवहार और धमकी देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

एक सबक सबके लिए

यह घटना सिखाती है कि चाहे आप कितने भी रसूखदार क्यों न हों, या आपके रिश्तेदार कितने भी बड़े बाहुबली क्यों न हों, सरकारी नौकरी में आचरण और भाषा की मर्यादा सबसे ऊपर होती है। रील बनाने वाले लड़के शायद गलत थे, लेकिन उन्हें सुधारने के बजाय "ठोकने" की धमकी देना स्टेशन मास्टर साहब को अब बहुत महंगा पड़ गया है।

अब बेचारे साहब जांच का सामना करेंगे, और उधर वो रील वाला वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है!