UPI New Rules 2026: बदल गए डिजिटल पेमेंट के नियम! Paytm, PhonePe और BharatPe यूजर्स के लिए आए 5 बड़े अपडेट; अब नहीं फंसेगा आपका पैसा

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टेक डेस्क। भारत में डिजिटल पेमेंट की लाइफलाइन बन चुका UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) अब 2026 से एक नए अवतार में नजर आने वाला है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और सरकार ने बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन और फ्रॉड के मामलों को देखते हुए नियमों में बड़े बदलावों का ऐलान किया है। इन नए नियमों का सीधा असर Paytm, PhonePe और Google Pay जैसे ऐप्स इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों पर पड़ेगा।

इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को पहले से अधिक सुरक्षित, तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि ट्रांजैक्शन फेल होने और फ्रॉड की शिकायतों को जड़ से खत्म किया जा सके।

1. फ्रॉड पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': बड़े पेमेंट पर एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन

2026 के नियमों में सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया है। अब बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन पर यूजर्स को 'एडिशनल फैक्टर ऑथेंटिकेशन' (AFA) का सामना करना पड़ सकता है।

स्मार्ट अलर्ट: अगर आप किसी संदिग्ध या नए मर्चेंट को बड़ा पेमेंट कर रहे हैं, तो ऐप आपको 'स्मार्ट अलर्ट' देगा।

फर्जी लिंक पर लगाम: फ्रॉड कॉल्स और फर्जी क्यूआर कोड के जरिए होने वाली ठगी को रोकने के लिए अब सिस्टम रियल-टाइम में संदिग्ध खातों की पहचान करेगा।

2. ट्रांजैक्शन फेल हुआ तो तुरंत मिलेगा 'साफ' जवाब

अक्सर यूजर्स इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि पैसा कट गया लेकिन सामने वाले को नहीं मिला।

क्लियर स्टेटस: अब ऐप्स को यह स्पष्ट रूप से बताना होगा कि पैसा बैंक स्तर पर अटका है या एनपीसीआई के स्तर पर।

फास्ट रिफंड: फेल ट्रांजैक्शन का रिफंड अब पहले से कहीं अधिक तेज गति से आपके खाते में वापस आएगा। इससे एक ही पेमेंट को बार-बार करने की झंझट खत्म होगी।

3. ऑटो-पे और लिमिट पर अब आपका 'कंट्रोल'

नए नियमों के तहत यूजर्स को अपने अकाउंट पर पहले से ज्यादा नियंत्रण मिलेगा।

डेली लिमिट मैनेजमेंट: आप खुद तय कर सकेंगे कि एक दिन में आपके यूपीआई से कितना अधिकतम पैसा निकल सकता है।

ऑटो-पे मैनेज: ओटीटी सब्सक्रिप्शन या बिलों के लिए लगे 'ऑटो-पे' को बंद करना या बदलाव करना अब बेहद आसान होगा। बिना आपकी फाइनल कन्फर्मेशन के कोई भी अनचाहा डेबिट नहीं होगा।

4. छोटे दुकानदारों और व्यापारियों के लिए खुशखबरी

किराना स्टोर और छोटे वेंडर्स के लिए 'पीक टाइम' (भीड़ के समय) में सर्वर डाउन होने की समस्या को दूर करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड किया गया है।

सेटलमेंट हिस्ट्री: दुकानदारों को अब अपनी ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और डेली सेटलमेंट रिपोर्ट अधिक सरल भाषा और ग्राफिक्स के साथ दिखाई देगी, जिससे हिसाब-किताब करना आसान हो जाएगा।

5. बुजुर्गों के लिए आसान होगा 'यूजर इंटरफेस'

Paytm और PhonePe जैसे ऐप्स को अब अपना इंटरफेस अधिक 'सिंपल' और 'क्लियर' बनाना होगा।

सरल भाषा: मैसेज और अलर्ट अब आसान क्षेत्रीय भाषाओं में होंगे ताकि हर उम्र के लोग, विशेषकर बुजुर्ग, बिना किसी डर के डिजिटल पेमेंट कर सकें।

यूजर्स के लिए जरूरी सलाह: क्या करें और क्या नहीं?

सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों के लिए यूजर्स को कहीं जाने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बुनियादी सावधानियां बरतनी होंगी:

ऐप अपडेट रखें: प्ले स्टोर या ऐप स्टोर से अपने पेमेंट ऐप्स को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर अपडेट रखें।

पिन और ओटीपी: नियम चाहे जितने भी बदल जाएं, अपना UPI PIN और OTP कभी भी किसी के साथ साझा न करें।

बायोमेट्रिक लॉक: सुरक्षा की एक और परत जोड़ने के लिए अपने ऐप पर फिंगरप्रिंट या फेस लॉक का इस्तेमाल जरूर करें।