SBI New Account Opening Rule 2026: अब बैंक के चक्कर काटना बंद! मात्र 10 मिनट में खुलेगा SBI खाता; जानें क्या है नया डिजिटल नियम

Post

बिजनेस डेस्क। देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने बैंकिंग के पुराने और बोझिल तरीकों को अलविदा कह दिया है। SBI New Account Opening Rule 2026 के तहत अब नया बचत खाता (Saving Account) खुलवाना उतना ही आसान हो गया है जितना सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाना। बैंक ने अपनी पूरी प्रक्रिया को हाई-टेक करते हुए 'डिजिटल फर्स्ट' नीति को अपनाया है, जिससे अब ग्राहकों को न तो लंबी लाइनों में लगना होगा और न ही बार-बार ब्रांच के चक्कर काटने होंगे।

यह नया नियम विशेष रूप से उन युवाओं, कामकाजी लोगों और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है, जो समय की कमी या बैंक की दूरी के कारण खाता खुलवाने में हिचकिचाते थे।

1. मात्र 10 मिनट में 'इंस्टेंट' अकाउंट एक्टिवेशन

एसबीआई के नए नियम की सबसे बड़ी क्रांति इसकी गति है। अब आवेदन करने से लेकर खाता सक्रिय (Active) होने तक का सफर मात्र 10 मिनट में तय किया जा सकता है। जैसे ही आप अपनी डिजिटल जानकारी साझा करते हैं और केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी होती है, आपका अकाउंट नंबर तुरंत जेनरेट हो जाता है।

2. 'जीरो पेपरवर्क': अब फिजिकल दस्तावेजों की छुट्टी

2026 के नियमों के तहत बैंक ने कागजों के ढेर को खत्म कर दिया है।

जरूरी दस्तावेज: अब खाता खोलने के लिए केवल आधार कार्ड और पैन कार्ड (Aadhaar & PAN) ही पर्याप्त हैं।

डिजिटल वेरिफिकेशन: ओटीपी (OTP) आधारित प्रमाणीकरण और आधार लिंकिंग के जरिए आपकी पहचान की पुष्टि तुरंत हो जाती है। किसी भी दस्तावेज की फिजिकल कॉपी बैंक ले जाने की जरूरत लगभग खत्म हो गई है।

3. ब्रांच जाने की झंझट खत्म, घर बैठे शुरू होगी बैंकिंग

नए सिस्टम को पूरी तरह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया गया है।

कहीं भी, कभी भी: आप अपने मोबाइल या लैपटॉप के जरिए बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या 'Yono SBI' ऐप से आवेदन कर सकते हैं।

वीडियो केवाईसी: बैंक अब Video-KYC की सुविधा दे रहा है, जिसमें बैंक अधिकारी के साथ एक छोटी वीडियो कॉल के जरिए आपका वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है। इसके बाद आपको पासबुक या चेकबुक के लिए भी ब्रांच जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

4. वर्चुअल डेबिट कार्ड: तुरंत शुरू करें शॉपिंग

अकाउंट खुलते ही ग्राहकों को अब हफ्तों तक डेबिट कार्ड का इंतजार नहीं करना होगा।

इंस्टेंट कार्ड: डिजिटल प्रक्रिया पूरा होते ही आपको एक वर्चुअल डेबिट कार्ड (Virtual Debit Card) मिल जाएगा। इसका उपयोग आप तुरंत ऑनलाइन शॉपिंग, रिचार्ज और बिल भुगतान के लिए कर सकते हैं।

फास्ट डिलीवरी: फिजिकल डेबिट कार्ड भी पहले के मुकाबले कहीं अधिक तेजी से आपके रजिस्टर्ड पते पर डिलीवर कर दिया जाएगा।

5. सुरक्षा की 'डबल लेयर' गारंटी

प्रक्रिया तेज होने का मतलब यह नहीं कि सुरक्षा से समझौता किया गया है। एसबीआई ने इस डिजिटल सिस्टम को मल्टी-लेयर सुरक्षा से लैस किया है।

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन: आधार डेटा के जरिए सटीक पहचान।

इनक्रिप्टेड डेटा: आपकी निजी जानकारी पूरी तरह गोपनीय और सुरक्षित रहती है।

रियल-टाइम अलर्ट: हर स्टेप पर आपके मोबाइल पर एसएमएस और ईमेल के जरिए जानकारी दी जाती है।