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March 28 2026 08:29 am

UP Infrastructure : देवीपाटन मंडल को योगी सरकार की बड़ी सौगात गोंडा-बहराइच समेत 4 जिलों में बनेंगे 18 नए पुल

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News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने तराई और देवीपाटन मंडल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की कार्ययोजना 2025-26 के तहत मंडल के चार जिलों में 18 लघु सेतुओं (Small Bridges) के निर्माण को हरी झंडी दे दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए शासन स्तर से 42 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। इन पुलों के बनने से न केवल लाखों ग्रामीणों का आवागमन सुगम होगा, बल्कि मानसून के दौरान होने वाली जलभराव और कनेक्टिविटी की समस्याओं से भी हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

किस जिले को क्या मिला? (District-wise Breakdown):

पुलों का वितरण मंडल के चारों जिलों की जरूरतों के आधार पर किया गया है:

जिलापुलों की संख्याप्रमुख परियोजना/स्थान
बहराइच07बाबागंज-मल्लिहपुर मार्ग (सकरी पुलिया के स्थान पर नया सेतु)।
गोंडा05ग्राम पंचायत चहलवा में बिसुही नदी पर बहुप्रतीक्षित पुल (लागत ₹9.69 करोड़)।
बलरामपुर04विभिन्न ग्रामीण संपर्क मार्गों पर लघु सेतुओं का निर्माण।
श्रावस्ती02राप्ती नदी के कछार वाले क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए निर्माण।

इन परियोजनाओं के 3 मुख्य फायदे:

बारिश में राहत: बिसुही और राप्ती जैसी नदियों के तटीय इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को बारिश के समय नाव या 30-40 किमी के चक्कर से मुक्ति मिलेगी।

दुर्घटनाओं में कमी: कई जगहों पर 'सकरी पुलिया' (Narrow Bridges) होने के कारण हादसे होते थे, जिन्हें अब चौड़े और पक्के लघु सेतुओं में बदला जा रहा है।

आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी से दूध, सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों को स्थानीय बाजारों तक पहुँचाना आसान और सस्ता हो जाएगा।

अधिकारियों का क्या कहना है?

लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीक्षण अभियंता योगेंद्र सिंह के अनुसार, शासन ने इन पुलों के लिए न केवल प्रशासनिक स्वीकृति दी है, बल्कि बजट का एक हिस्सा भी आवंटित कर दिया है। अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले मानसून से पहले अधिकांश कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि ग्रामीणों को असुविधा न हो