UP Housing Rules : अब यूपी में घर बनाना नहीं होगा पहले जैसा, योगी सरकार ने बदल दिए ये 5 बड़े नियम

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News India Live, Digital Desk: UP Housing Rules : अगर आप उत्तर प्रदेश में अपना घर बनाने का सपना देख रहे हैं या किसी बिल्डर के प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत ज़रूरी है। योगी सरकार ने घर बनाने के नियमों में कुछ बड़े और अहम बदलाव किए हैं, जिन्हें जानना आपके लिए फायदेमंद होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास प्राधिकरणों को साफ निर्देश दिए हैं कि अब से सभी नए घरों के नक्शे तभी पास होंगे, जब इन नियमों का पालन किया जाएगा।

क्या हैं ये नए नियम?

सरकार का फोकस पर्यावरण को बचाने और लोगों की सुरक्षा बढ़ाने पर है। आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि अब घर बनाने के लिए क्या-क्या ज़रूरी होगा:

  1. बारिश का पानी बचाना ज़रूरी (Rainwater Harvesting): अब यूपी में बनने वाले सभी नए घरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। इसका मतलब है कि आपको अपने घर में ऐसी व्यवस्था करनी होगी जिससे बारिश का पानी बर्बाद न हो, बल्कि ज़मीन के अंदर जाकर वॉटर लेवल को बढ़ाए। बिना इस सिस्टम के अब नक्शा पास नहीं होगा।
  2. छत पर सोलर पैनल की व्यवस्था: सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है। इसलिए, अब नए घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने के लिए पहले से ही व्यवस्था करनी होगी। भले ही आप पैनल तुरंत न लगवाएं, लेकिन उसके लिए ज़रूरी ढांचा और वायरिंग की जगह छोड़नी होगी।
  3. बालकनी और छज्जे पर सख्ती: अक्सर देखा जाता है कि लोग पास हुए नक्शे के अलावा बालकनी या छज्जा आगे बढ़ा लेते हैं, जिससे गली और सड़क पर जगह कम हो जाती है। अब इस पर रोक लगा दी गई है। नक्शे में जितनी जगह पास होगी, निर्माण भी उतने में ही करना होगा। अवैध निर्माण करने पर सख्त कार्रवाई होगी।
  4. ऊंची बिल्डिंगों के लिए खास नियम: अगर कोई बिल्डर 12.5 मीटर (लगभग 4 मंज़िल) से ऊंची बिल्डिंग बना रहा है, तो उसे भूकंप और आग जैसी आपदाओं से बचने के लिए राष्ट्रीय भवन संहिता (National Building Code) के सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। बिना इसके प्रोजेक्ट को कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
  5. गलियारे (Corridor) के लिए नियम: ग्रुप हाउसिंग और अपार्टमेंट्स में बनने वाले गलियारों की चौड़ाई भी तय कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को निकलने में आसानी हो।

सरकार का कहना है कि इन नियमों का मकसद शहरों को ज़्यादा व्यवस्थित, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। इन बदलावों का असर सीधे तौर पर घर बनाने की लागत और डिज़ाइन पर पड़ सकता है, इसलिए कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने या बनवाने से पहले इन नए नियमों की जानकारी ज़रूर ले लें।