UP Board Exam 2026 : नकल माफियाओं की अब खैर नहीं पेपर लीक रोकने के लिए तैनात होगी QRT, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर
News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को 'नकल विहीन' बनाने के लिए योगी सरकार ने इस बार अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। बोर्ड ने परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की अफवाहों और नकल माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए Quick Response Team (QRT) के गठन का ऐलान किया है।
क्या है QRT और कैसे करेगी काम?
बोर्ड मुख्यालय में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से प्रदेश के हर परीक्षा केंद्र की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है। QRT का मुख्य कार्य होगा:
त्वरित कार्रवाई: जैसे ही किसी केंद्र से नकल या अव्यवस्था की सूचना मिलेगी, QRT की टीम कुछ ही मिनटों में वहां पहुंचकर स्थिति को संभालेगी।
पेपर लीक पर प्रहार: प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए पहली बार डिजिटल लॉकिंग और GPS ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
फर्जी खबरों पर लगाम: सोशल मीडिया (WhatsApp, Telegram) पर पेपर लीक की झूठी खबरें फैलाने वालों को चिन्हित कर तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नकल माफियाओं पर लगेगा 'गैंगस्टर एक्ट'
सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था नकल कराने में संलिप्त पाई जाती है, तो उस पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि रासुका (NSA) और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है।
परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस बार यूपी बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों के चयन में भी कड़ाई बरती है:
CCTV और वॉयस रिकॉर्डर: हर कमरे में सीसीटीवी कैमरों के साथ वॉयस रिकॉर्डर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती: हर केंद्र पर एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में ही पेपर के पैकेट खोले जाएंगे।
QR कोडेड उत्तर पुस्तिकाएं: फर्जी कॉपियों के खेल को रोकने के लिए इस बार कॉपियों पर विशेष QR कोड और बारकोड का इस्तेमाल हो रहा है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
बोर्ड सचिव ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले किसी भी फर्जी प्रश्नपत्र या अफवाह पर ध्यान न दें। परीक्षाओं की सुचिता बनाए रखने में सहयोग करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई जानकारी पर ही भरोसा करें।