UN चीफ का ट्रंप को करारा जवाब, गुटेरेस बोले दुनिया किसी एक देश के हुक्म से नहीं चलती
News India Live, Digital Desk : संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अपने कार्यकाल के आखिरी साल की शुरुआत में दुनिया के सामने अपनी बात बेहद बेबाकी से रखी है। गुटेरेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के प्रभुत्व पर सीधा प्रहार करते हुए साफ कर दिया है कि दुनिया अब किसी एक या दो शक्तियों के इशारों पर नाचने वाली नहीं है। गुटेरेस ने 'बहुध्रुवीयता' (Multipolarity) का समर्थन करते हुए भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुई ऐतिहासिक ट्रेड डील को वैश्विक स्थिरता के लिए एक बेहतरीन मिसाल बताया।
ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' पर बरसे गुटेरेस, याद दिलाया UN का वजूद
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'बोर्ड ऑफ पीस' के गठन, जिसे संयुक्त राष्ट्र का विकल्प बताया जा रहा था, पर गुटेरेस ने कड़ा रुख अपनाया। ट्रंप को सीधा संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की मूल जिम्मेदारी केवल और केवल संयुक्त राष्ट्र और उसकी सुरक्षा परिषद की है। उन्होंने आगाह किया कि बहुपक्षीय संस्थाओं को कमजोर करना दुनिया को अराजकता की ओर ले जाएगा।
"दो हिस्सों में बंटने से नहीं सुलझेंगे मुद्दे"- चीन और अमेरिका पर निशाना
गुटेरेस ने वैश्विक शक्तियों के बीच चल रही खींचतान पर चिंता जताते हुए कहा, "दुनिया को दो खेमों (एक वाशिंगटन और दूसरा बीजिंग) में बांट देने से शांति नहीं आएगी। वैश्विक समस्याएं किसी एक शक्ति के हुक्म चलाने से हल नहीं होने वाली हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर हमें विकास और समानता चाहिए, तो हमें बहुध्रुवीय व्यवस्था को अपनाना होगा जहाँ हर देश की आवाज की कीमत हो।
भारत की ट्रेड डिप्लोमेसी की तारीफ, बताया दुनिया के लिए उम्मीद की किरण
भाषण के दौरान यूएन चीफ ने भारत-यूरोपीय संघ (India-EU) के बीच हाल ही में हुए ट्रेड एग्रीमेंट का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समझौते यह दर्शाते हैं कि दुनिया के अलग-अलग हिस्से आपसी सहयोग से मजबूत हो रहे हैं। गुटेरेस ने इसे एक 'पॉजिटिव उम्मीद' बताया और कहा कि ऐसे ही गठबंधन दुनिया को दो-ध्रुवीय होने से बचा सकते हैं।
"अंतर्राष्ट्रीय कानून को कुचला जा रहा है, अपराधी बेखौफ"
अपने कार्यकाल के 10वें साल में प्रवेश कर रहे गुटेरेस ने वैश्विक स्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि आज अंतर्राष्ट्रीय कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:"आज जंग शुरू करने वालों को सजा का डर नहीं रह गया है। सहयोग कम हो रहा है और अविश्वास बढ़ रहा है। लेकिन इतनी बाधाओं के बावजूद संयुक्त राष्ट्र शांति की स्थापना के लिए हार नहीं मानेगा।"
विदाई के मोड़ पर UN चीफ: क्या होगा भविष्य?
बता दें कि इस साल के अंत में सुरक्षा परिषद गुटेरेस के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। गुटेरेस का यह कार्यकाल युद्धों और संघर्षों के साये में रहा है, लेकिन उनके इस ताजा बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपने पद से हटते-हटते दुनिया को 'एकछत्र राज' के खतरों से आगाह करना चाहते हैं।