रूस के ही पैसे से फिर सजेगा यूक्रेन? ट्रंप के पीस बोर्ड और पुतिन के नए ऑफर की पूरी कहानी
News India Live, Digital Desk: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले दो साल से ज्यादा वक्त से भयानक युद्ध चल रहा है। हजारों जानें जा चुकी हैं और दोनों तरफ काफी नुकसान हुआ है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि हवा का रुख थोड़ा बदल रहा है। खबर आ रही है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के पुनर्निर्माण (Reconstruction) के लिए रूस के ही 'फ्रीज' हुए पैसों के इस्तेमाल का संकेत दिया है।
ये पूरी पहेली क्या है?
जब युद्ध शुरू हुआ था, तो अमेरिका और यूरोप के देशों ने रूस के अरबों डॉलर फ्रीज कर दिए थे, यानी वो पैसे जब्त कर लिए थे ताकि रूस उन पर अपना हक न जता सके। अभी तक पश्चिमी देश सोच रहे थे कि ये पैसा कैसे यूक्रेन को दिया जाए। अब पुतिन ने खुद आगे बढ़कर एक नया रास्ता सुझाया है। खबर है कि रूस इस बात के लिए तैयार हो सकता है कि उसकी संपत्ति पर मिलने वाले ब्याज या हिस्से को यूक्रेन को फिर से बसाने के लिए इस्तेमाल किया जाए, बशर्ते शांति के नियम रूस के हिसाब से हों।
ट्रंप के 'पीस बोर्ड' का असर?
हैरानी की बात ये है कि यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका में डोनल्ड ट्रंप सत्ता में आने की तैयारी में हैं या आ चुके हैं। ट्रंप ने हमेशा कहा है कि वो "24 घंटे में जंग रुकवा सकते हैं।" इसके लिए उन्होंने एक 'पीस बोर्ड' का प्लान भी बनाया है। जानकारों का कहना है कि पुतिन का यह लचीला रुख ट्रंप के साथ मिलकर कोई बड़ा समझौता करने की कोशिश हो सकती है।
क्या ये शांति की पहली सीढ़ी है?
सीधे शब्दों में कहें तो रूस चाहता है कि उस पर लगे कड़े प्रतिबंध अब धीरे-धीरे कम हों। अगर पुतिन अपने जब्त पैसों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं, तो यह दुनिया के लिए एक संदेश होगा कि रूस अब युद्ध खत्म करने की ओर कदम बढ़ाना चाहता है। हालांकि, यह सब इतना आसान नहीं है क्योंकि यूक्रेन के अपने नियम हैं और रूस के अपने।
लेकिन एक बात तो साफ है, डोनल्ड ट्रंप की एंट्री के बाद जिस तरह से रूस की भाषा बदली है, उसने इस बात की उम्मीद जगा दी है कि शायद साल 2025 युद्ध के खत्म होने का साल साबित हो जाए। अब देखना ये है कि अमेरिका का नया 'पीस बोर्ड' पुतिन के इस ऑफर को कितनी गंभीरता से लेता है।