तनाव से मुक्ति अब संगीत की धुन में? ऋषभ रिखिराम शर्मा लेकर आ रहे हैं Sitar For Mental Health इंडिया टूर
News India Live, Digital Desk: अगर आप क्लासिकल म्यूजिक के शौकीन हैं या बस अपने मन की शांति (Peace of Mind) के लिए कुछ ढूंढ रहे हैं, तो आपने 'ऋषभ रिखिराम शर्मा' का नाम जरूर सुना होगा। पंडित रविशंकर के आखिरी शिष्यों में से एक ऋषभ ने पारंपरिक संगीत को एक नया और आधुनिक रूप दिया है। उनका विजन सिर्फ लोगों को मनोरंजन देना नहीं है, बल्कि उन्हें एक 'मेडिटेटिव एक्सपीरियंस' (ध्यान की मुद्रा) में ले जाना है।
क्या है 'सिटार फॉर मेंटल हेल्थ'?
ये कोई आम म्यूजिक कॉन्सर्ट नहीं है। इसमें संगीत को एक 'थेरेपी' की तरह इस्तेमाल किया जाता है। ऋषभ जब सितार बजाते हैं, तो उनके रागों के बीच का सन्नाटा भी आपसे बात करता है। उनका मकसद है उन युवाओं तक पहुंचना जो एंग्जायटी, अकेलेपन और तनाव से लड़ रहे हैं। उन्होंने अपनी कला से साबित किया है कि हमारी जड़ों में जो शास्त्रीय संगीत है, वह आज की मानसिक बीमारियों के लिए सबसे बेहतरीन दवा साबित हो सकता है।
भारत के 10 शहरों का बड़ा दौरा
2026 में ऋषभ अपने 'एशिया टूर' के हिस्से के तौर पर भारत के 10 शहरों का सफर करेंगे। इसमें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे बड़े नाम तो हैं ही, साथ ही कई और जगहों पर भी सुरों की यह गंगा बहेगी। उनके शोज दुनियाभर में पहले ही 'सोल्ड आउट' रहते हैं, और अब भारतीय दर्शकों को लाइव इसे देखने और महसूस करने का मौका मिलेगा।
ये सिर्फ बजाना नहीं, जज्बातों का खेल है
ऋषभ रिखिराम की खासियत ये है कि वो सितार को बहुत ही सहज अंदाज में बजाते हैं। उनका कनेक्शन आज की पीढ़ी के साथ भी उतना ही मजबूत है जितना क्लासिकल म्यूजिक पसंद करने वालों के साथ। सोशल मीडिया पर उनके वायरल वीडियो और 'सुकून' भरी धुनें इसकी गवाह हैं। वे मानते हैं कि अगर इंसान दिन में कुछ देर शांति से बैठ कर सही संगीत सुने, तो उसके जीने का नज़रिया बदल सकता है।
आप इसमें क्या उम्मीद कर सकते हैं?
अगर आप इनके शो में जाते हैं, तो तैयार रहिए एक ऐसी शाम के लिए जहाँ रोशनी मध्यम होगी, मोबाइल फोन जेब में होंगे और चारों तरफ सिर्फ़ सितार की रूहानी आवाज होगी। यह अपने आप में एक 'हीलिंग सेशन' (ठीक करने की प्रक्रिया) जैसा होगा।
अगर आप भी रोज़मर्रा की चिंताओं से दूर होकर अपने अंदर झांकना चाहते हैं, तो ऋषभ रिखिराम का यह टूर आपके लिए एक यादगार अनुभव हो सकता है। अब देखना ये है कि भारत के किस शहर में कब ये महफ़िल सजती है!