UGC Rules 2026 : क्या है बीजेपी का वो सीक्रेट प्लान जो उच्च शिक्षा को बनाएगा गरीब मुक्त?

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News India Live, Digital Desk : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्र संगठन विरोध कर रहे हैं और यहां तक कि सत्ताधारी बीजेपी के अंदर भी कुछ नेताओं ने सवाल उठाए हैं। लेकिन अब, कांग्रेस नेता और पूर्व बीजेपी सांसद उदित राज (Udit Raj) ने एक सनसनीखेज आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यूजीसी नियम 2026 में बीजेपी के लिए "डबल बेनिफिट" (Double Benefit) छुपा हुआ है।

उदित राज ने आरोप लगाया है कि इन नियमों को लाने के पीछे सिर्फ शैक्षणिक गुणवत्ता का दावा नहीं है, बल्कि बीजेपी की दूरगामी राजनीतिक और सामाजिक एजेंडा है, जिसका फायदा पार्टी को चुनावों में मिल सकता है।

बीजेपी को 'डबल बेनिफिट' कैसे मिलेगा? (उदित राज के अनुसार)

कांग्रेस नेता उदित राज ने साफ-साफ कहा कि इन नियमों के ज़रिए बीजेपी समाज के एक बड़े हिस्से को निशाना बनाने और अपने खास वोट बैंक को साधने की कोशिश कर रही है।

  1. सरकारी हस्तक्षेप और नियंत्रण: उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से केंद्र सरकार (और UGC) का शैक्षिक संस्थानों पर नियंत्रण बढ़ जाएगा। इससे पार्टी अपनी वैचारिक नीतियों को शिक्षा संस्थानों में आसानी से लागू कर पाएगी, जिससे 'शैक्षणिक स्वतंत्रता' खत्म होगी।

उदित राज का बयान ऐसे समय आया है जब यूजीसी नियम 2026 (4-वर्षीय स्नातक से पीएचडी प्रवेश) पर देश भर में राजनीतिक हलचल है। उन्होंने सवाल किया है कि बीजेपी उन छात्रों को, जो आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँचने से रोककर, कैसा 'डबल फायदा' कमाना चाहती है।

फिलहाल, बीजेपी की तरफ से उनके आरोपों का खंडन हुआ है, लेकिन इस मुद्दे ने यह बहस छेड़ दी है कि क्या UGC के नियम वास्तव में शैक्षणिक बदलाव के लिए हैं या इसके पीछे कोई गुप्त राजनीतिक रणनीति है।