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April 22 2026 11:09 pm

UGC नियमों का दोहरा चरित्र बीजेपी को घेरने वाली कांग्रेस क्यों नहीं बता रही नियमों का खाका किसने खींचा था?

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News India Live, Digital Desk : यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के 2026 में लागू होने वाले प्रस्तावित नए नियम आज पूरे देश में विरोध और बहस का कारण बने हुए हैं। छात्रों से लेकर नेताओं तक, हर कोई इन नियमों को वापस लेने की मांग कर रहा है और केंद्र की बीजेपी सरकार को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है।

लेकिन इस कहानी का एक बहुत ही दिलचस्प और ऐतिहासिक पेंच है: जिस कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं को आज बीजेपी से इन नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, उन विवादित UGC नियमों की नींव दरअसल उन्हीं की सरकार (UPA Government) के समय में रखी गई थी!

जी हाँ! इन नियमों की सिफारिशें उस समय एक शक्तिशाली कमेटी ने की थी, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस के वरिष्ठ और दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) कर रहे थे।

दिग्विजय सिंह कमेटी और उसकी सिफारिशें

यूपीए सरकार के समय, देश की उच्च शिक्षा और यूजीसी के मानकों में बदलाव लाने के लिए एक उच्च-स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह थे, जिन्होंने अपनी रिपोर्ट में ऐसे कई बदलावों का सुझाव दिया था जो आज 'यूजीसी नियम 2026' में शामिल किए गए हैं।

  • अन्य सदस्य कौन थे? इस कमेटी में केवल दिग्विजय सिंह ही नहीं थे, बल्कि 29 अन्य प्रतिष्ठित शैक्षणिक विशेषज्ञ, कुलपति और शिक्षाविद शामिल थे, जिन्होंने मिलकर भारत में शोध और पीएचडी की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का खाका तैयार किया था।

विपक्ष क्यों भूल रहा है अपनी ही देन?

अब सवाल यह है कि जिस मसौदे की सिफारिश कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने की थी, उसी के अंतिम रूप पर आज कांग्रेस और अन्य दल विरोध क्यों कर रहे हैं?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस भी शैक्षणिक सुधार चाहती थी, लेकिन जब कोई नियम कठोर होते हैं तो छात्रों में गुस्सा आना स्वाभाविक है। बीजेपी ने उन्हीं पुराने मसौदों को अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू करने की दिशा में आगे बढ़ाया है।

लेकिन अब बीजेपी के ख़िलाफ़ चुनावी माहौल में कांग्रेस जानबूझकर यह बात सामने नहीं आने दे रही है कि जिन नियमों को वे वापस लेने की मांग कर रहे हैं, उनका पहला खाका उनके अपने नेता की अध्यक्षता में ही तैयार हुआ था। यह राजनीतिक विरोध 'असुविधाजनक इतिहास' को भूलने का एक उदाहरण है।