Udaipur Accident : वो हंसी-मजाक कर रहे थे, तभी पीछे से काल बनकर आया ट्रक चश्मदीदों ने बयां की वो दर्दनाक दास्तां
News India Live, Digital Desk: जिंदगी कितनी नाजुक होती है, इसका अंदाजा हमें उदयपुर (Udaipur) के पास हुए उस भीषण सड़क हादसे से लगता है, जिसने चार परिवारों की खुशियां छीन लीं। हम अक्सर लंबे सफर पर निकलते हैं तो रास्ते में चाय या नाश्ते के लिए गाड़ी रोकते हैं। यह हमारे लिए एक रिफ्रेशमेंट होता है, लेकिन किसे पता था कि यही "टी-ब्रेक" (Tea Break) कुछ लोगों के लिए आखिरी ब्रेक बन जाएगा।
घटना उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे की है। सुबह का वक्त था, चार दोस्त कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे। रास्ते में तलब लगी, तो उन्होंने चाय पीने के लिए हाईवे के किनारे अपनी कार खड़ी कर दी।
पलक झपकते ही मातम
अभी वे चाय की चुस्कियां लेने की सोच ही रहे थे कि पीछे से यमराज बनकर एक बेकाबू ट्रेलर (Truck) आया। रफ्तार इतनी तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में बैठे लोग और शायद पास खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
सोचिए, उस वक्त वहां का मंजर क्या रहा होगा। वो हंसी-ठिठोली, वो बातें—सब कुछ एक सेकंड में खामोशी और चीख-पुकार में बदल गया। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से शवों को बाहर निकाला। कार की हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना भयावह था।
हमें क्या सबक मिलता है?
यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं, एक सबक है। अक्सर हम हाईवे पर किसी ढाबे या चाय की दुकान के सामने गाड़ी खड़ी करते वक्त यह नहीं देखते कि गाड़ी सड़क के कितना करीब है।
- सड़क से दूर रहें: हमेशा कोशिश करें कि गाड़ी पार्किंग में या सफेद पट्टी (White Line) से काफी नीचे उतारकर खड़ी करें।
- पीछे रेडियम रिफ्लेक्टर: अगर रात या धुंध है, तो पार्किंग लाइट जलाकर रखें।
तेज रफ्तार हाईवे पर कोई ड्राइवर अगर नींद की झपकी में हो या गाड़ी बेकाबू हो जाए, तो किनारे खड़ी गाड़ी सबसे आसान शिकार बनती है।
मृतकों के परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं, लेकिन आप और हम प्रण लें कि सफर में ऐसी छोटी गलतियां नहीं करेंगे। सुरक्षित चलिए, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।