Rajasthan Politics : क्या बीजेपी में नहीं लगा मन? बांसवाड़ा के बाहुबली की कांग्रेस में वापसी लगभग तय, PCC ने भेज दिया प्रस्ताव

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की राजनीति में कब क्या हो जाए, यह कहना मुश्किल है। अभी कुछ ही महीने पहले की बात है, जब लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वागड़ (बांसवाड़ा-डूंगरपुर) इलाके के दिग्गज आदिवासी नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय (Mahendra Jeet Singh Malviya) ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया था। वे सालों का साथ छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे। उस वक्त लगा था कि कांग्रेस को इस क्षेत्र में बड़ा नुकसान होगा।

लेकिन अब कहानी में एक नया और बड़ा ट्विस्ट आ गया है। कहते हैं न कि राजनीति में कोई भी दोस्त या दुश्मन हमेशा के लिए नहीं होता। चर्चा जोरों पर है कि मालवीय जी का "कमल" (BJP) से मोहभंग हो चुका है और वे अपनी पुरानी पार्टी यानी कांग्रेस में 'घर वापसी' (Ghar Wapsi) की तैयारी में हैं।

'फास्ट ट्रैक' पर है फाइल

सबसे दिलचस्प बात यह है कि उनकी वापसी का मामला ठंडे बस्ते में नहीं, बल्कि 'रॉकेट स्पीड' से चल रहा है। सूत्रों की मानें तो राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) ने उनकी वापसी को लेकर हरी झंडी दे दी है। बाकायदा एक प्रस्ताव तैयार करके दिल्ली स्थित एआईसीसी (AICC) को भेज दिया गया है।

आमतौर पर, पार्टी छोड़कर गए नेताओं की वापसी में बहुत 'अगर-मगर' होता है। लेकिन खबर है कि मालवीय की वापसी का प्रस्ताव 'फास्ट ट्रैक' मोड में है। इसका मतलब है कि कांग्रेस हाईकमान (खरगे जी और गांधी परिवार) इस पर बहुत जल्द फैसला सुना सकता है।

आखिर वापसी क्यों?

अब सवाल उठता है कि अभी तो गए थे, फिर इतनी जल्दी वापसी क्यों? जानकारों का कहना है कि बीजेपी में जाने के बाद भी लोकसभा चुनाव में उन्हें वो सफलता नहीं मिली जिसकी उम्मीद थी। शायद वे वहां की कार्यशैली में खुद को फिट नहीं कर पा रहे थे। दूसरी तरफ, कांग्रेस को भी एहसास है कि वागड़ क्षेत्र में अपनी पकड़ वापस मजबूत करने के लिए मालवीय जैसे कद्दावर चेहरे की जरूरत है।

इसे आप सियासी मजबूरी कहें या रणनीति, लेकिन दोनों पक्षों को एक-दूसरे की जरूरत महसूस हो रही है। अब बस दिल्ली से एक आधिकारिक पत्र का इंतज़ार है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो बहुत जल्द आप महेंद्रजीत सिंह मालवीय को फिर से कांग्रेस के मंच पर देख पाएंगे।